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मेडिकल चमत्कार या संयोग? महिला ने 5 दिन में दिया 4 बच्चों को जन्म, डॉक्टर भी रह गए हैरान

अमीना को 8 मई को प्रसव पीड़ा हुई थी. इसके बाद 9 मई को उन्होंने पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका वजन लगभग 710 ग्राम बताया गया. उस समय डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए बाकी बच्चों की डिलीवरी को रोक दिया क्योंकि गर्भावस्था करीब साढ़े छह से सात महीने की अवस्था में थी.

Woman gives birth to four children
gnttv.com
  • मुरादाबाद ,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:13 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित Mahaveer University (TMU) अस्पताल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. संभल जिले की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना ने पांच दिनों के अंतराल में चार बच्चों को जन्म देकर उदाहरण पेश किया है. सबसे खास बात यह रही कि चारों बच्चों की डिलीवरी नॉर्मल हुई, जबकि ऐसे मामलों में आमतौर पर सिजेरियन का सहारा लिया जाता है. महिला ने दो बेटों और दो बेटियों को जन्म दिया है. फिलहाल मां और सभी नवजात डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी हालत में लगातार सुधार बताया जा रहा है.

हाई रिस्क थी महिला की प्रेग्नेंसी
संभल जिले के असमोली क्षेत्र निवासी अमीना की गर्भावस्था शुरू से ही बेहद जटिल मानी जा रही थी. शुरुआती अल्ट्रासाउंड में ही डॉक्टरों को पता चल गया था कि गर्भ में चार भ्रूण पल रहे हैं. मेडिकल टीम ने मां और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फीटल रिडक्शन की सलाह दी थी, ताकि दो बच्चों को सुरक्षित बचाया जा सके, लेकिन परिवार ने चारों बच्चों को जन्म देने का फैसला किया. गर्भावस्था के दौरान अमीना को ब्लड प्रेशर और लीवर से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा. उन्हें समय-समय पर अस्पताल में भर्ती कर इलाज और निगरानी में रखा गया.

9 मई को हुआ पहला जन्म, 14 मई को जन्में तीन और बच्चे
टीएमयू अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अमीना को 8 मई को प्रसव पीड़ा हुई थी. इसके बाद 9 मई को उन्होंने पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका वजन लगभग 710 ग्राम बताया गया. उस समय डॉक्टरों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए बाकी बच्चों की डिलीवरी को रोक दिया क्योंकि गर्भावस्था करीब साढ़े छह से सात महीने की अवस्था में थी. इसके बाद 14 मई को महिला को फिर से दर्द शुरू हुआ और अस्पताल लाने के बाद तीन अन्य बच्चों का जन्म कराया गया. इनमें एक बेटा और दो बेटियां शामिल हैं. डॉक्टरों के मुताबिक एक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि दो बच्चों को विशेष निगरानी में रखा गया है.

डॉक्टरों की टीम ने संभाला चुनौतीपूर्ण केस
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि यह मामला मेडिकल साइंस के लिहाज से बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण था. सबसे खास बात यह रही कि चारों बच्चे अलग-अलग सेपरेट सैक में थे और सभी डिलीवरी सामान्य तरीके से हुईं. इस पूरे इलाज के दौरान अस्पताल डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली, डॉ. मोनिका सहित अस्पताल के अनेक चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों ने लगातार सहयोग और निगरानी की. डॉक्टरों का कहना है कि यह केस मेडिकल दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन समय पर उपचार, निरंतर मॉनिटरिंग और परिवार के सहयोग से इसे सफल बनाया जा सका. बच्चों के पिता मोहम्मद आलिम पेशे से किराना स्टोर संचालक हैं. बच्चों के पिता ने अस्पताल और डॉक्टरों की टीम का आभार जताया. उन्होंने कहा कि परिवार को शुरुआत से ही अस्पताल और डॉक्टरों पर पूरा भरोसा था. 

अस्पताल प्रशासन ने बताया बड़ी उपलब्धि
अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों ने इसे टीमवर्क, आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन और समर्पित उपचार का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है. डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के हाई रिस्क मामलों में मां और बच्चों दोनों की जान को गंभीर खतरा रहता है, लेकिन सही समय पर इलाज और सतत निगरानी से सकारात्मक परिणाम संभव हो सके. डॉक्टरों के अनुसार, इतने जटिल केस में चारों बच्चों का नॉर्मल डिलीवरी से जन्म होना अपने आप में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
 

-जगत गौतम की रिपोर्ट

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