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भाईचारे की मिसाल! कैंसर मरीज के इलाज के लिए साथ आए मंदिर और मस्जिद, मिलकर इकट्ठा किया फंड

केरल में एक मस्जिद और दो मंदिरों ने धार्मिक सद्भावना की मिसाल पेश की है. इनके प्रयासों से कैंसर से जूझ रह एक बेटी के इलाज के लिए डेढ करोड़ रुपए से ज्यादा फंड इकट्ठा हो सका है.

Representational Image
निशा डागर तंवर
  • नई दिल्ली ,
  • 02 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST
  • कुट्टीपुरथुकव भगवती मंदिर समिति ने 50,000 रुपये से अधिक का योगदान दिया है
  • नरसिम्हा मूर्ति मंदिर समिति ने 27,000 रुपये का योगदान दिया है

धार्मिक सद्भाव के उद्देश्य से, मलप्पुरम जिले के कोट्टक्कल में दो मंदिर समितियां और एक मस्जिद समिति मिलकर एक 18 वर्षीय लड़की के इलाज के लिए धन जुटाने का प्रयास कर रही हैं. मस्जिद समिति इस काम में काफी समय से तत्पर है और अब दो मंदिरों की समितियों ने भी अपना समर्थन दिया है.  

कुट्टीपुरथुकव भगवती मंदिर समिति ने 50,000 रुपये से अधिक का योगदान दिया है, वहीं नरसिम्हा मूर्ति मंदिर समिति ने अलुक्कल जुमा मस्जिद को 27,000 रुपये का योगदान दिया है. आपको बता दें हन्ना नाम की एक लड़की कैंसर से जूझ रही है और उसके इलाज के लिए मंदिर और मस्जिद की समितियां साथ में मिलकर काम कर रही हैं.

मस्जिद समिति ने जुटाए डेढ करोड़ रुपए
कोट्टक्कल निवासी हन्ना का इलाज कोझीकोड के एक निजी अस्पताल में चल रहा है. इस लड़की के इलाज के लिए मस्जिद समिति अब तक 1.5 करोड़ रुपये से अधिक जुटा चुकी है. कुट्टीपुरथुकव भगवती मंदिर समिति के सदस्यों ने भी हन्ना की मदद के लिए पर्याप्त धन जुटाने के लिए मस्जिद समिति का समर्थन किया है. 

मंदिर समिति के सचिव अजित कुमार ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें खुशी है कि वे मस्जिद समिति को यह योगदान देने में सक्षम हैं. यह अच्छा है कि दोनों समुदायों के लोग विभिन्न गतिविधियों में एक साथ आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पहली घटना नहीं है जब कुट्टीपुरथुकव भगवती मंदिर समिति ने इस तरह का समर्थन दिया है. 

मंदिर की मरम्मत में मस्जिद समिति ने दिया था साथ
बताया जा रहा है कि जब मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वार्षिक उत्सव के दौरान, मस्जिद के सदस्यों ने बिना किसी आशंका के मंदिर समिति का पूरा समर्थन किया था. वे एक साथ रहने और सभी धर्मों को सम्मान करने में विश्वास करते हैं. मस्जिद समिति के सदस्यों का भी कहना है कि वे कई दशकों से पूर्ण सद्भाव में रह रहे हैं. 

मुस्लिम समुदाय के लोग अपने पड़ोसी मंदिरों में आयोजित होने वाले हर कार्यक्रम को मनाने में बहुत उत्साह दिखाते हैं. सभी के समर्थन से, मस्जिद ने  लड़की के इलाज के लिए पर्याप्त धन जुटा लिया. 

 

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