Motion Sickness: कार या बस में बैठते ही आती है उल्टी? नहीं जानते थे तो जान लें, समस्या हो जाएगी छू मंतर और बड़े मजे से कटेगा सफर

सफर के दौरान जी मिचलाना, चक्कर आना या उल्टी होना एक आम समस्या है जिसे मोशन सिकनेस कहा जाता है. आज हम आपको कुछ तरीके बताएंगे, जिससे समस्या खत्म हो सकती है.

Motion Sickness Hack
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

कई लोगों को बस, कार या नाव में सफर करते समय अचानक चक्कर आने लगते हैं, मन घबराने लगता है या उल्टी जैसा महसूस होता है. इस परेशानी को मोशन सिकनेस कहा जाता है. खासकर लंबे सफर में यह दिक्कत ज्यादा देखने को मिलती है, जिससे यात्रा का मजा भी खराब हो जाता है और कमजोरी अलग महसूस होती है. 

दरअसल इसके पीछे सबसे बड़ी वजह हमारे शरीर और दिमाग के बीच होने वाला कन्फ्यूजन है. जब हम गाड़ी में बैठे होते हैं तो शरीर लगातार हिल रहा होता है, लेकिन अगर उसी समय हम मोबाइल देखने लगें या किताब पढ़ने लगें, तो आंखों को लगता है कि सब कुछ स्थिर है. दूसरी तरफ, कान और शरीर दिमाग को लगातार मूवमेंट का संकेत देते रहते हैं. ऐसे में दिमाग समझ नहीं पाता कि शरीर चल रहा है या रुका हुआ है. यही गड़बड़ी चक्कर, बेचैनी और उल्टी जैसी दिक्कतों की वजह बन जाती है. 


उल्टी करने से कैसे बचें-
बस या कार में सफर करते समय अगर आपको चक्कर, उल्टी, घबराहट या बेचैनी होने लगती है, तो कुछ आसान आदतें इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकती हैं. डॉक्टर सुनीता चौधरी के मुताबिक यह दिक्कत तब होती है, जब आंखें और शरीर दिमाग को अलग-अलग संकेत देने लगते हैं. ऐसे में शरीर कन्फ्यूज हो जाता है और मोशन सिकनेस शुरू हो जाती है.

फोन न देखें
अगर यात्रा के समय लगातार मोबाइल देखते हैं, तो परेशानी बढ़ सकती है. ऐसा इसलिए क्योंकि आंखों को लगता है कि आप स्थिर हैं, जबकि शरीर मूवमेंट महसूस कर रहा होता है. बेहतर है कि खिड़की के बाहर के दृश्यों को देखें या सामने की तरफ ध्यान रखें. ऐसा करने से आपको उल्टी नहीं आएगी. 

खाली पेट या ज्यादा खाना भी न खाएं
यात्रा से पहले तला-भुना या ज्यादा खाना खाने से मतली या उल्टी की समस्या तुरंत बढ़ सकती है. वहीं, बिल्कुल खाली पेट निकलना भी ठीक नहीं माना जाता. दोनों ही हालत में उल्टी होने के चांसेज बढ़ जाते हैं.  

सही सीट चुनना भी जरूरी
अगर बस या कार में सफर कर रहे हैं, तो आगे की सीट पर बैठना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है, जिससे उल्टी आ सकती है. बस में बीच के खिड़की की तरफ बैठना फायदेमंद होता है. इस हिस्से में बैठने से झटके कम महसूस होते हैं.

ताजी हवा से मिल सकती है राहत
घुटन या बंद माहौल में परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए खिड़की थोड़ी खोल लें या ताजी हवा लेते रहें. जिससे तेज परफ्यूम, कार या बस का खुशबू या खाने की गंध आपके नाक तक न जाए. इन गंध से भी मन उल्टी जैसा करने लगता है. 

सफर में सो जाएं
अगर सफर छोटा हो और ज्यादा बेचैनी लगे, तो आंखें बंद करके सिर को सीट पर टिकाकर थोड़ा आराम करें. कोशिश करें कि नींद आ जाए. कई बार नींद लेने से भी राहत मिल जाती है और सफर कब खत्म हो जाता है पता भी नहीं चलता. 

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