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10 दिन टनल में कैद, महामंत्र का जाप करता रहा इंजीनियर संजय साह… तब मिला दूसरा जीवन

नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक शख्स को जिंदा बाहर निकाल लिया गया.

Rescued Trishuli 3A engineer
पंकज दास
  • रसुवा,
  • 04 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:16 PM IST

नेपाल के रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक व्यक्ति को जिंदा बाहर निकाल लिया गया. ये व्यक्ति मैकेनिकल इंजीनियर संजय साह हैं, जो करीब 10 दिनों तक अंधेरी सुरंग में जिंदगी और मौत के बीच फंसे रहे. इस दौरान उनके सामने न खाना था, न यह पता था कि मदद कब पहुंचेगी. लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. संजय ने रेस्क्यू टीम को बताया कि मुश्किल वक्त में वह लगातार 'हरे कृष्ण महामंत्र' का जाप करते रहे. उनका कहना है कि इसी जाप ने उन्हें हिम्मत दी और उन्हें लगा कि उन्हें जिंदगी का दूसरा मौका मिला है.

हादसे के वक्त सुरंग में थे 40-45 लोग
संजय के मुताबिक, हादसे के समय सुरंग के अंदर करीब 40 से 45 लोग मौजूद थे. कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी उनके पास थी. आम दिनों में कंट्रोल रूम में एक ऑपरेटर काम करता है और बाकी समय करीब 4-5 लोग वहां रहते हैं. अचानक बाढ़ का पानी और मलबा सुरंग के अंदर घुसने लगा. हालात तेजी से बिगड़ते देख संजय के सामने सिर्फ अपनी जान बचाने की चुनौती नहीं थी, बल्कि वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालना भी जरूरी था. उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी उनके पास थी, इसलिए वहां मौजूद लोगों को बचाना भी उनकी जिम्मेदारी बन गई थी.

खुद भागने के बजाय पहले दूसरों को सुरक्षित किया
संजय ने रेस्क्यू टीम को बताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद वह अकेले बाहर निकलकर नहीं भाग सकते थे. उन्होंने वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित जगह की ओर जाने के लिए कहा. लोगों को बचाने और उन्हें सुरक्षित रास्ते की ओर भेजने में उनका काफी समय निकल गया. इसी दौरान वह खुद सुरंग के अंदर फंस गए और अगले करीब 10 दिन तक वहीं जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष करते रहे.

10 गते सुबह 10 बजे हादसा हुआ था
दस दिन तक सुरंग में फंसे रहने के बावजूद संजय ने समय का हिसाब नहीं खोया था. रेस्क्यू के बाद जब उनसे नेपाली तारीख पूछी गई तो उन्होंने तुरंत हादसे का समय याद किया. उन्होंने बताया, 'संजय ने बताया कि हादसा नेपाली कैलेंडर के 10 गते यानी 10 तारीख को सुबह करीब 10 बजे हुआ था. उन्होंने उस समय को याद रखने के लिए समय नोट कर लिया था.'

सुरंग लंबी, कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका
रेस्क्यू टीम ने संजय से यह भी पूछा कि सुरंग के अंदर और कितने लोग फंसे हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि जिस जगह वह फंसे थे, उसके आसपास करीब 3-4 लोग थे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सुरंग काफी लंबी है और पावर हाउस की तरफ भी कुछ लोग हो सकते हैं. तेज पानी के बहाव के कारण कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की संभावना से उन्होंने इनकार नहीं किया.

पूरे समय महामंत्र का जाप करता रहा
जब रेस्क्यू टीम ने संजय से कहा कि 'आपको दूसरा जीवन मिला है', तो उन्होंने अपने मुश्किल दिनों का सहारा बताया. संजय ने कहा कि वह पूरे समय हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करते रहे.

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