NO Diet Day 2026: क्या 1 दिन का उपवास वजन घटाने का सही तरीका है? जानें इसके फायदे और नुकसान

लोग फिट रहने और वजन घटाने के लिए आजकल तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. इनमें से एक तरीका है 24 घंटे का फास्ट या इंटरमिटेंट फास्टिंग. लेकिन सवाल यह है कि क्या पूरे दिन बिना खाए रहना सच में फायदेमंद है या इससे शरीर को नुकसान हो सकता है?

NO Diet Day 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

24 घंटे का फास्ट एक तरह का इंटरमिटेंट फास्टिंग है. इसमें आप पूरे दिन कुछ नहीं खाते, सिर्फ पानी या बिना कैलोरी वाले ड्रिंक पीते हैं. लेकिन अगले दिन आप फिर से नॉर्मल खाना शुरू कर देते हैं.
कई लोग इसे हफ्ते में 1-2 बार करते हैं ताकि वजन कम किया जा सके और शरीर को डिटॉक्स किया जा सके. हालांकि यह तरीका आसान लगता है, लेकिन हर किसी के लिए सही हो, यह भी जरूरी नहीं है.

24 घंटे फास्ट रखने से शरीर में क्या बदलाव आता है
जब आप 24 घंटे तक कुछ नहीं खाते, तो शरीर अलग-अलग स्टेज में काम करता है. पहले 8 घंटे में शरीर पहले से खाए गए भोजन को पचाता है और उससे मिलने वाली ऊर्जा को दूसरे अंगों तक पहुंचाता है. 8 घंटे के बाद जब खाना नहीं मिलता, तो शरीर स्टोर किए हुए ग्लूकोज का इस्तेमाल करता है. फिर शरीर धीरे-धीरे खाने के फैट को ऊर्जा की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर देता है. लेकिन वहीं अगर फास्ट लंबा हो जाए, तो शरीर प्रोटीन (मांसपेशियों) को भी ऊर्जा के लिए इस्तेमाल करने लगता है, जो नुकसानदायक हो सकता है.

24 घंटे फास्टिंग के फायदे

  • अगर सही तरीके से फास्ट किया जाए, तो इसके कुछ फायदे हो भी सकते हैं.
  • कम खाने की वजह से कैलोरी कम होती है, जिससे वजन घट सकता है.
  • शरीर फैट को ऊर्जा में बदलना सीखता है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है.
  • कुछ मामलों में यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
  • नियमित और सही तरीके से फास्टिंग करने से हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.
  • यह शरीर में होने वाली सूजन को कम कर सकता है और कुछ बीमारियों के जोखिम को घटा सकता है.

ये लोग फास्ट करने से बचे
हफ्ते में एक बार फास्ट करने के जितने फायदे हैं, उतने ही इसके जोखिम भी हैं. इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. पूरे दिन भूखे रहने से थकान, चक्कर और कमजोरी महसूस हो सकती है. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल अचानक गिर सकता है. बहुत ज्यादा फास्टिंग करने से हार्ट रिदम (धड़कन) पर असर पड़ सकता है. वहीं जिन्हें पहले से खाने से जुड़ी समस्या रही हो, टाइप-1 डायबिटीज के मरीज, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं, 18 साल से कम उम्र के बच्चे, ऑपरेशन के बाद रिकवरी में चल रहे लोग और हार्ट पेशेंट डॉक्टर की सलाह से ही कोई फास्ट करें. 

GNTTV ये जानकारी सामान्य जानकारी के आधार पर देता है. 24 घंटे का फास्ट हर किसी के लिए सही नहीं होता. अगर आपको कोई बीमारी है या आप पहली बार यह तरीका अपनाने जा रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

ये भी पढ़ें


 

Read more!

RECOMMENDED