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AI And Perfume: अब AI की मदद से बनाए जाएंगे परफ्यूम! लोरियल भी कर चुकी न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी के साथ पार्टनरशिप 

परफ्यूम बनाना एक कलात्मक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था, जिसका जादू कलाकारों के हाथों में छोड़ दिया जाता था. हालांकि, विज्ञान और टेक्नोलॉजी, विशेष रूप से AI अब इसमें एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है.

AI and Perfume
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST
  • कंपनियां कर रही हैं न्यूरोसेंट रिसर्च में इंवेस्ट
  • ब्रेन की एक्टिविटी और परफ्यूम का कॉम्बिनेशन 

परफ्यूम बनाने का कॉन्सेप्ट प्राचीन ग्रीस से चला आ रहा है. ये वहां की सदियों पुरानी कला है. लेकिन अब इसमें एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. परफ्यूम बनाने की ये प्राचीन कला आधुनिक परिवर्तन के दौर से गुजर रही है. परफ्यूमर्स आज पारंपरिक तरीकों से परे हटकर एक नया तरीका अपना रहे हैं. वे हमारी भावनाओं से मेल खाने वाली सुगंध यानी फ्रेग्रेंस तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह उभरता हुआ क्षेत्र न्यूरोसेंट्स (neuroscents) की स्टडी से मिलता जुलता है. 

ब्रेन की एक्टिविटी और परफ्यूम का कॉम्बिनेशन 

लिस्बन में इंस्टीट्यूट ऑफ बायोफिजिक्स एंड बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के शोधकर्ता ह्यूगो फरेरा इस प्रयास में सबसे आगे हैं. वह ब्रेन की एक्टिविटी और परफ्यूम के प्रति प्रतिक्रियाओं की मैपिंग कर रहे हैं. इसका लक्ष्य न्यूरोसेंट्स का एक डेटाबेस बनाना है. गौरतलब है कि ओल्फेक्ट्री सिस्टम हमारी स्मेल की सेंस के लिए जिम्मेदार होता है. 

ओल्फेक्ट्री सिस्टम का स्ट्रक्चर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सेंट रिसेप्टर्स से मैसेज ओल्फेक्ट्री बल्ब के माध्यम से ब्रेन के अलग-अलग हिस्सों में जाते हैं, जो हमारी मेमोरी से लेकर स्ट्रेस रिएक्शन तक सब कुछ प्रभावित करते हैं. 

कंपनियां कर रही हैं न्यूरोसेंट रिसर्च में इंवेस्ट 

परंपरागत रूप से, परफ्यूम बनाना एक कलात्मक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता था, जिसका जादू कलाकारों के हाथों में छोड़ दिया जाता था. हालांकि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से AI अब इसमें एक बड़ा बदलाव लाने जा रहा है. कई ब्यूटी ब्रांस वैज्ञानिक रूप से कोई फ्रेग्रेंस बनाने के लिए न्यूरोसेंट रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी में इंवेस्ट कर रहे हैं. 

कई ब्यूटी ब्रांड कर रहे हैं टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल 

पॉपुलर ब्यूटी ब्रांड लोरियल ने भी सेंट चॉइस एक्सपीरियंस के लिए एक न्यूरोटेक्नोलॉजी कंपनी एमोटिव के साथ साझेदारी की है. विश्व स्तर पर चुनिंदा यवेस सेंट लॉरेंट स्टोर्स के खरीदारों ने इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) रिकॉर्ड करने और उनसे मैच करने वाली फ्रेग्रेंस की खोज करने के लिए हेडसेट का उपयोग किया है. टेक्नोलॉजी की इस मदद से काफी अच्छे परिणाम मिले हैं. इसके मुताबिक, 95% ग्राहकों को अपना आइडियल परफ्यूम मिल गया है. Puig जैसे फैशन और फ्रेग्रेंस बिजनेस ने भी इस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है. 

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