रमजान का पाक महीना शुरू होते ही रोजेदारों की सहरी से लेकर इफ्तार इबादत से भरी होती है. इस दौरान इफ्तार की सबसे अहम जरूरतों में फल शामिल होते हैं, लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में रमजान के दौरान फलों की कीमतें आम लोगों की पहुंच से बाहर होती नजर आ रही हैं. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस महंगाई की तस्वीर को और भी चौंकाने वाला बना दिया है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भारतीय व्लॉगर रिजवान पाकिस्तान के एक लोकल फल बाजार में नजर आते हैं. वीडियो में वह एक ठेले वाले से अलग-अलग फलों के दाम पूछते हैं, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है. दुकानदार उन्हें तीन तरह के केले दिखाता है, जिनकी कीमत 250 रुपए से लेकर 450 रुपए प्रति दर्जन तक बताई जाती है.
पपीता, सेब और माल्टा हुए आम आदमी से दूर
वीडियो में आगे जब पपीते का दाम पूछा जाता है तो उसकी कीमत 400 रुपए प्रति किलो निकलती है. यहीं नहीं, सेब का रेट सुनकर भी झटका लगता है, जो 500 रुपए किलो बताया जाता है. माल्टा जैसे आम फल भी 250 से 450 रुपए किलो तक बिकते नजर आते हैं.
खजूर बना लग्ज़री आइटम
रमजान के दौरान सबसे ज्यादा खपत वाला फल खजूर भी पाकिस्तान में बेहद महंगा हो चुका है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खजूर की कीमत 1200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है. हालांकि, ये सभी कीमतें पाकिस्तानी करेंसी में हैं, लेकिन इसके बावजूद महंगाई का असर साफ तौर पर दिखाई देता है.
सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं
यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं. वीडियो पर यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, इतनी महंगाई में पाकिस्तान के लोग गुज़ारा कैसे कर रहे होंगे? वहीं दूसरे ने कहा, हमारे यहां तो पपीता 40 रुपए किलो मिलता है. कुछ यूजर्स ने तो यहां तक कह दिया कि पाकिस्तान में फलों का बहिष्कार कर देना चाहिए.
वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
रमजान जैसे पवित्र महीने में फलों की इस कदर बढ़ी कीमतों ने आम लोगों की परेशानियों को उजागर कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो न सिर्फ महंगाई की सच्चाई दिखाता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर आम पाकिस्तानी जनता ऐसे हालात में कैसे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर पा रही है.