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इस भिखारी ने जगन्नाथ मंदिर को दिया 1 लाख रुपए का दान, सालों से पोस्ट-ऑफिस में कर रही थी जमा

ओडिशा की एक महिला ने फूलबनी के जगन्नाथ मंदिर में 1 लाख रुपए दान किए हैं और इस दान की चर्चा हर जगह हो रही है. क्योंकि यह दान भीख मांगने वाली महिला ने किया है.

Jagannath Temple in Phulbani
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 18 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST
  • पति की मौत के बाद मांगनी पड़ी भीख
  • पोस्ट ऑफिस में जमा करती थीं पैसे

वायरल थ्योरी में हमेशा यही कहा जाता है कि भिखारी गरीब नहीं होते हैं, बल्कि उनके पास कई लाख रुपये जमा होते हैं जो उन्होंने भीख से जमा किए हैं. और इस सिद्धांत को सही साबित किया है ओडिशा की एक 70 वर्षीया महिला ने. 

इस महिला का नाम है तुला बेहरा और वह पिछले कई सालों से फूलबनी में जगन्नाथ मंदिर के सामने भीख मांगती हैं. भीख मांगकर तुला ने 1 लाख रुपए इकट्ठा कर लिए और अब इन पैसों को मंदिर को ही दान कर दिया. 

पति की मौत के बाद मांगनी पड़ी भीख
तुला बेहरा कथित तौर पर पिछले बीस वर्षों से उड़ीसा के फूलबनी में जगन्नाथ मंदिर के सामने भीख मांग रही हैं. फूलबनी कस्बे में रहने वाली एक विधवा बेहरा ने फूलबनी जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुनासिर महापात्रा को वह पैसा दान कर दिया जो उन्होंने इकट्ठा किया था.

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुला का कहना है कि उनका अस्तित्व भगवान जगन्नाथ के कारण है और अब जीवन के अंतिम पड़ाव पर वह पैसे का क्या करेंगी. इसलिए उन्होंने पैसे मंदिर को दान किए क्योंकि यह सबकुछ भगवान का है. 

आपको बता दें कि तुला मूल रूप से कटक की रहने वाली हैं. वह अपने पति प्रफुल्ल बेहरा से शादी के बाद फूलबनी में रहती थीं. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी शादी के कुछ साल बाद प्रफुल्ल का निधन हो गया. पहले तो तुला ने छोटे-मोटे काम किए लेकिन पूरा न पड़ने पर वह भीख मांगने लगीं. 

पोस्ट ऑफिस में जमा करती थीं पैसे
भीख के रूप में जो पैसा मिलता था उसे तुला पोस्ट ऑफिस के खाते में जमा कर देती थी. जब डाकघर ने उन्हें सूचित किया कि खाते में उनकी बचत ₹1 लाख से अधिक हो गई है, तो उन्होंने इसे मंदिर में दान करने का फैसला किया।

मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुनासिर महापात्र ने कहा कि जब तुला ने उनसे संपर्क किया तो वह पैसे लेने से हिचक रहे थे. लेकिन उसने जोर दिया और समिति ने धनु संक्रांति के शुभ दिन पर उसे स्वीकार कर लिया. 
 

 

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