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Parenting Tips: बच्चों में पढ़ने की आदत डालना बनेगा आसान, बस अपनाए ये आसान तरीके... मोबाइल से भी बनेगी दूरी, आंखों की सेहत रहेगी पूरी

आज के समय में बच्चों को किताबों से ज्यादा मोबाइल में मजा आता है. यही वजह है कि उनके हाथ में किताबे कम और मोबाइल ज्यादा रहता है. लेकिन यह उनके लिए गलत है. बच्चों के लिए पढ़ना काफी जरूरी है, इसलिए उनमें पढ़ने की आदत को दोबारा जगाने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:04 PM IST

आज के समय में बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल, टीवी और टैबलेट पर बीत रहा है. पढ़ाई के अलावा खाली समय में भी बच्चे स्क्रीन देखना पसंद करते हैं. इससे उनकी किताब पढ़ने की आदत धीरे-धीरे कम हो रही है. ऐसे में मां-बाप के लिए जरूरी है कि वे बच्चों को डांटने के बजाय प्यार और सही तरीके से पढ़ने की ओर बढ़ाएं. बच्चों को किताबों से जोड़ने और स्क्रीन टाइम कम करने के लिए घर का माहौल सबसे ज्यादा मायने रखता है. साथ ही कुछ टिप्स को अपनाने से उनमें पढ़ने की आदत पैदा हो सकती है.

बच्चों के सामने खुद पढ़ें किताब

बच्चे अपने माता-पिता को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं. अगर माता-पिता खाली समय में लगातार मोबाइल चलाते हैं तो बच्चे भी उसी आदत को अपनाते हैं. इसलिए सबसे पहले माता-पिता खुद मोबाइल का इस्तेमाल कम करें और बच्चों के सामने किताब, अखबार या मैगजीन पढ़ें. इससे बच्चे के मन में भी किताब पढ़ने की रुचि पैदा हो सकती है.

बच्चे की पसंद की किताब दें

हर बच्चे की पसंद अलग होती है. किसी बच्चे को कहानी पसंद होती है तो किसी को पिक्चर वाली किताब, साइंस या जानवरों से जुड़ी किताबें अच्छी लगती हैं. इसलिए बच्चे पर अपनी पसंद की किताब पढ़ने का दबाव न डालें. शुरुआत में उसकी पसंद की छोटी और आसान किताबें दें. जब पढ़ने में मजा आने लगेगा तो धीरे-धीरे वह खुद किताबों के साथ समय बिताने लगेगा.

रोज थोड़ा समय पढ़ने के लिए करें फिक्स

बच्चे को एक साथ लंबे समय तक पढ़ने के लिए कहने के बजाय रोज थोड़ा समय तय करें. शुरुआत 10 से 15 मिनट से की जा सकती है. सोने से पहले माता-पिता बच्चे के साथ कहानी की किताब पढ़ सकते हैं. इससे पढ़ने की आदत बनने के साथ माता-पिता और बच्चे के बीच अच्छा रिश्ता भी बनता है.

मोबाइल अचानक बंद न करवाएं

अगर बच्चा लंबे समय से मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है तो उसे अचानक फोन छीनकर बंद कर देना सही तरीका नहीं है. इससे बच्चा जिद कर सकता है. बेहतर है कि पहले से स्क्रीन टाइम तय करें और बच्चे को बताएं कि कितनी देर मोबाइल देखना है. खाने और सोने के समय मोबाइल से दूरी रखने का नियम बनाया जा सकता है.

हफ्ते में रखें नो-स्क्रीन टाइम

परिवार वीक में एक दिन या कुछ घंटे ऐसा टाइम तय कर सकता है जब घर में मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम किया जाए. इस दौरान साथ बैठकर केवल किताब पढ़ें, गेम खेलें या बाहर घूमने जाएं. सबसे जरूरी बात यह है कि माता-पिता भी इस नियम का पालन करें. इससे बच्चे समझेंगे कि बिना मोबाइल के भी समय अच्छे तरीके से बिताया जा सकता है.

 

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