छोटे बच्चे को खाना या दूध पिलाना नए माता-पिता के लिए कई बार मुश्किल हो जाता है. अक्सर समझ नहीं आता कि बच्चे का पेट भर गया है या उसे अभी और खाना चाहिए. ऐसे में सिर्फ खाने की क्वांटिटी तय करना या प्लेट में बचा खाना देखकर फैसला करना सही नहीं है. बच्चा अपने हाव भाव और व्यवहार से भी बता सकता है कि उसका पेट भर गया है.
अगर बच्चा खाना खाते समय मुंह दूसरी तरफ करने लगे, मुंह बंद कर ले या खाने में इंट्रेस्ट कम दिखाए, तो यह इशारा हो सकता है कि उसका पेट भर चुका है. कई बार बच्चा खाना दूर करने लगता है या अपना ध्यान दूसरी तरफ लगाने लगता है. ऐसे इशारों को समझना जरूरी है, क्योंकि इससे बच्चे को जरूरत से ज्यादा खिलाने से बचा जा सकता है.
कई माता-पिता चाहते हैं कि बच्चा प्लेट में रखा पूरा खाना खत्म करे. लेकिन हर बार ऐसा होना जरूरी नहीं है. बच्चे की भूख रोज एक जैसी नहीं होती. अगर बच्चा खाना खाने में इंट्रेस्ट नहीं दिखा रहा है, तो हो सकता है कि उसका पेट पहले ही भर गया हो. उसे बिना जल्दबाजी के खाना दें और उसकी भूख के हिसाब से खाने दें.
बच्चे के रोने का मतलब हमेशा भूख लगना नहीं होता. वह थकान, नींद या किसी दूसरी वजह से भी रो सकता है. इसलिए हर बार बच्चे के रोने पर उसे खाना या दूध देने से पहले उसके दूसरे इशारों पर भी ध्यान दें. खाने की क्वांटिटी में रोज थोड़ा बदलाव होना भी नॉर्मल हो सकता है.
अगर बच्चा खाना खाने से मना कर रहा है या मुंह बंद कर रहा है, तो उसे जबरदस्ती खिलाने से बचें. खाने के बाद कभी-कभी थोड़ा दूध या खाना मुंह से बाहर आ जाना हो सकता है. लेकिन अगर बच्चा बार-बार या तेज उल्टी करे, खाना खाने से लगातार मना करे या बहुत सुस्त नजर आए, तो इसे नजरअंदाज न करें.