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प्रमोशन तो मिलेगा लेकिन सैलरी नहीं बढ़ेगी… जान लीजिए कॉर्पोरेट सेक्टर में चल रहे इस Dry Promotion ट्रेंड के बारे में  

कई कर्मचारियों के लिए, ड्राई प्रमोशन काफी निराशाजनक है. ये मौजूदा नौकरियों में कम होते निगोशिएशन के ट्रेंड को दिखाता है. इस नए कॉर्पोरेट ट्रेंड ने कई एम्प्लाइज को कन्फ्यूज करके रख दिया है कि वे उस जगह से इस्तीफा दें या नहीं. 

Dry Promotion Trend (Photo: Unsplash)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 4:18 PM IST
  • प्रमोशन मिलेगा, लेकिन सैलरी नहीं बढ़ेगी 
  • हाल के दिनों में बढ़ रहा है चलन

जॉब में हर किसी को अप्रेजल का इंतजार होता है. जब किसी एम्प्लोयी को प्रमोशन दिया जाता है, तो आमतौर पर सैलरी भी बढ़ाई जाती है. लेकिन, चूंकि दुनियाभर में कंपनियां अपने नुकसान की भरपाई के लिए एक नया ट्रेंड फॉलो कर रही हैं. इसे 'ड्राई प्रमोशन' कहा जा रहा है. इस नए कॉर्पोरेट ट्रेंड ने कई एम्प्लाइज को कन्फ्यूज करके रख दिया है कि वे उस जगह से इस्तीफा दें या नहीं. 

प्रमोशन मिलेगा, लेकिन सैलरी नहीं बढ़ेगी 

दरअसल ,'ड्राई प्रमोशन' को उस प्रथा के रूप में जाना जाता है जहां एक कर्मचारी को नौकरी में प्रमोशन तो दिया जाता है लेकिन उसकी सैलरी उतनी ही रहती है, उसे बढ़ाया नहीं जाता है. 

पिछले कुछ समय से इस्तीफों की झड़ी लग गई है. लोग बहुत जल्दी-जल्दी कंपनियां बदलने लगे हैं. ऐसे में इसी लहर को रोकने के लिए कॉर्पोरेट कल्चर में एक नया ट्रेंड चलाया गया है. इसे ही "ड्राई प्रमोशन" कहा जा रहा है. इसमें व्यक्ति की पोजीशन तो बढ़ा दी जाती है और काम और जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं लेकिन सैलरी में बढ़ोतरी नहीं होती. 

हाल के दिनों में बढ़ रहा है चलन

हाल ही में हुई कई रिपोर्ट्स और स्टडी बताती हैं कि ड्राई प्रमोशन का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है. कंपनसेशन कंसलटेंट पर्ल मेयर की एक रिपोर्ट से पता चला है कि 13% से ज्यादा एम्प्लॉयर्स ने लोगों की सैलरी बढ़ाने की जगह पर उन्हें नए टाइटल देने का विकल्प चुना है. इसके अलावा, बेनिफिट एडवाइजरी फर्म मर्सर के किए गए एक सर्वे ने एम्प्लॉयर बिहेवियर में बदलाव नोटिस किया है. पिछले सालों की तुलना में बहुत कम ऑर्गनाइजेशन ऐसे हैं जिन्होंने 2024 में प्रमोशन के साथ अपने एम्प्लॉइज की सैलरी बढ़ाई है. 

कर्मचारियों पर पड़ रहा प्रभाव

कई कर्मचारियों के लिए, ड्राई प्रमोशन काफी निराशाजनक है. ये मौजूदा नौकरियों में कम होते निगोशिएशन के ट्रेंड को दिखाता है. छंटनी से लोगों और टीम कम होने के डर से कंपनियां पोस्ट बदलने का विकल्प चुनती हैं. 

हालांकि टाइटल बदलना एक बार को देखने के लिए अच्छा लग सकता है. लेकिन असल में जब महीने के आखिर में सैलरी आती है तो वास्तविकता का पता चलता है. ऐसे में जरूरी है कि एम्प्लॉइज को जॉब मार्केट में अपने काम और जिम्मेदारियों के हिसाब से सैलरी मांगनी चाहिए.


 

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