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कॉर्नर फ्लैट खरीदने का बना रहे हैं प्लान? पहले जान लें 5 बड़े फायदे और नुकसान

अक्सर घर खरीदने से पहले सोचते हैं कि काश कोई कॉर्नर फ्लैट खरीदें. लेकिन यह फ्लैट केवल कीमत में ही ज्यादा नहीं होता. ब्लकि जितने फायदे होते हैं उनके साथ नुकसान भी होते हैं.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:44 PM IST

घर खरीदते समय लोग अक्सर लोकेशन, मंजिल, दिशा और आसपास का माहौल देखते हैं. इसी बीच कॉर्नर फ्लैट जिसे लोग 'एल शेप' भी कहते हैं, लोगों की पहली पसंद होता है. बिल्डिंग के किनारे होने की वजह से ऐसे फ्लैट में आम फ्लैट की तुलना में कम दीवारें जुड़ी होती हैं. इससे ज्यादा रोशनी, हवा और प्राइवेसी मिलने की उम्मीद रहती है. लेकिन कॉर्नर फ्लैट खरीदने के कुछ फायदे और नुकसान भी होते हैं.

घर में आती है ज्यादा रोशनी

कॉर्नर फ्लैट में अक्सर एक से ज्यादा दिशाओं से रोशनी आने की जगह होती है. इसमें ज्यादा खिड़कियां, बालकनी या खुले हिस्से मिल सकते हैं. इससे दिन के समय घर ज्यादा रोशन और खुला हुआ महसूस हो सकता है. दिन में लाइट जलाने की जरूरत भी कम पड़ सकती है. कितनी धूप मिलेगी यह फ्लैट की दिशा, आसपास की इमारतों की ऊंचाई और घर के डिजाइन पर निर्भर करता है.

हवा और वेंटिलेशन बेहतर हो सकता है

कॉर्नर फ्लैट का एक बड़ा फायदा अच्छी हवा भी हो सकती है. अगर घर की खिड़कियां अलग-अलग दिशाओं में हैं तो हवा एक तरफ से आकर दूसरी तरफ से निकल सकती है. इससे घर के अंदर हवा का आना-जाना बेहतर रहता है और कमरा ज्यादा आरामदायक महसूस हो सकता है.

मिल सकता है बेहतर व्यू और प्राइवेसी

कॉर्नर फ्लैट आमतौर पर ज्यादा खुला होता है. इसलिए यहां से एक से ज्यादा दिशाओं में बाहर का नजारा दिखाई दे सकता है. आसपास पार्क, खुली जगह या शहर का अच्छा व्यू भी मिल सकता है. साथ ही, पड़ोसी फ्लैट से कम जुड़ाव होने के कारण कुछ लोगों को ज्यादा प्राइवेसी मिलती है.

कीमत ज्यादा हो सकती है

कॉर्नर फ्लैट के फायदे होने के कारण बिल्डर इसकी कीमत सामान्य फ्लैट से ज्यादा रख सकते हैं. यानी समान प्रोजेक्ट में बीच वाले फ्लैट की तुलना में कॉर्नर फ्लैट खरीदने के लिए ज्यादा पैसा देना पड़ सकता है. इसलिए खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि अतिरिक्त कीमत आपके बजट के हिसाब से सही है या नहीं.

गर्मी और बारिश का असर ज्यादा

कॉर्नर फ्लैट में बाहर की तरफ ज्यादा दीवारें होती हैं. इन दीवारों पर सीधी धूप और बारिश का असर पड़ सकता है. लंबे समय में इससे घर में ज्यादा गर्मी, नमी या पानी रिसने जैसी परेशानी हो सकती है. इसलिए फ्लैट खरीदते समय दीवारों और खिड़कियों की स्थिति जरूर जांचें.

शोर और धूल भी परेशानी बन सकती है

अगर कॉर्नर फ्लैट मुख्य सड़क, चौराहे या बिल्डिंग के कॉमन एरिया के पास है तो ट्रैफिक का शोर, हॉर्न और धूल ज्यादा आ सकती है. इसलिए सिर्फ कॉर्नर फ्लैट देखकर फैसला न करें. फ्लैट की दिशा, मंजिल, आसपास की सड़क और बिल्डिंग का पूरा डिजाइन देखकर ही खरीदारी करें.

 

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