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अब रेल में सफर करें या न करें, रेल के कोच में खाना जरूर खा सकेंगे, रेलवे ने शुरू किया रेल कोच रेस्टॉरेंट

एक नई पहल के तहत भारतीय रेलवे देश भर के कुछ रेलवे स्टेशनों पर पुराने डिब्बों को रेस्तरां में बदलने की दिशा में काम कर रहा है. इस कदम का उद्देश्य राजस्व में बढ़ोतरी करना है.

Old Railway Coach-Turned Restaurant At Jabalpur Station (Photo: Twitter/@wc_railway)
gnttv.com
  • जबलपुर,
  • 29 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 12:23 PM IST
  • रेलवे ने शुरू किया रेल कोच रेस्टॉरेंट
  • रेवेन्यू बढ़ाना है मकसद

अब आप बिना रेल में सफर किए ट्रेन के कोच में बैठकर जायकेदार खाने का आनंद ले सकते हैं. जबलपुर में रेल प्रशासन ने मुख्य रेलवे स्टेशन और मदन महल स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में रेल कोच रेस्टॉरेंट की स्थापना की है. 

रेलवे ने ट्रेन के डिब्बे को रेस्टॉरेंट का आकार दिया गया है. आकर्षक लुक वाले इस रेल कोच रेस्टॉरेंट में लोग खिंचे चले आ रहे हैं. 

रेवेन्यू बढ़ाना है मकसद

दरअसल रेलवे ने अपने राजस्व में बढ़ोतरी करने के मकसद से पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत आने वाले कुछ चुनिंदा स्टेशनों में रेल कोच रेस्टॉरेंट का संचालन शुरू कर दिया है. खास बात यह है कि ट्रेन के डिब्बे में ही बैठकर होटल जैसा अनुभव लोगों को पहली बार मिल रहा है. 

जबलपुर में चल रहे रेल कोच रेस्टॉरेंट में लज़ीज़ व्यंजनों का आनंद उठाने जबलपुर ही नहीं बल्कि आसपास के लोग भी बड़ी तादाद में पहुंच रहे हैं. बेहद किफायती दामों पर यहां जायकेदार भोजन से लेकर फास्ट फूड, चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक की उपलब्धता है. साथ ही टेक अवे के तहत अपने पसंदीदा भोजन, स्नैक्स, को पैक करा कर घर भी ले जाया जा सकता है.

आधुनिक सुविधाओं से है लैस 

इसके अंदर आकर्षक डायनिंग एरिया में 50 व्यक्तियों के भोजन करने की सुविधा उपलब्ध है. फ़ास्ट फूड काउंटर में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं. इसका संचालन करने वाले लोगों का मानना है कि रेलवे ने कोच देकर एक नई थीम को लॉन्च किया है.

इस कोच के सामने ग्रीन एरिया बनाकर इसे पर्यावरण अनुकूल भी बनाया गया है. इसके साथ ही कोच के सामने दोनों साइड में फूड स्टॉल और आउटडोर टेक अवे काउन्टर भी खोला गया है. इस एरिया को और आकर्षक दिखाने के लिए सिंथेटिक ग्रास के साथ प्राकृतिक हरियाली को विकसित किया गया है. 

रेल कोच रेस्टॉरेंट जनता को एक नया अनुभव दे रहा है. इससे शहर को एक नई पहचान भी मिल रही है.

(धीरज शाह की रिपोर्ट)

 

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