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शादी करने के लिए दूल्हे का क्लीन शेव होना जरूरी, राजस्थान की पंचायत का अनोखा फरमान!

डीजे पर बन्दोली निकाले जाने पर भी एतराज जताते हुए इसे रोकने को कहा है. इसी के साथ शादी की रस्म के दौरान अफीम की मनुहार पर भी रोक लगाई गयी है. इसके अलावा, दुल्हन को कितने सोने और चांदी के गहने पहनने हैं यह भी तय किया जाएगा.

Clean shave groom (Unsplash)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 17 जून 2022,
  • अपडेटेड 12:06 PM IST
  • गहने पहनने को लेकर भी नियम
  • क्लीन शेव होना चाहिए दूल्हा

शादी में लाखों रुपये खर्च करके लोग उसे स्पेशल बनाने की सोचते हैं. शादी को यादगार बनाने के लिए इस पर कई गुना अधिक खर्चा किया जाता है. लेकिन राजस्थान का एक गांव है जहां के पंचों ने शादी को लेकर एक अजीब सा फरमान जारी किया है. राजस्थान के कुमावत समाज के पंचों ने शादी को लेकर कुछ नियम बनाए हैं. अक्सर आपने दूल्हे का पढ़ा-लिखा होने, नशा न करने वाला होने की बाते तो सुनी होंगी लेकिन ऐसा फरमान शायद ही सुना हो. यहां पहली बार शादी को लेकर दूल्हे के क्लीन शेव होने की शर्त रखी गई है. अगर दूल्हे की दाढ़ी बढ़ी होगी तो उसकी शादी नहीं होगी. वहीं हल्दी की रस्म में पीले फूलों से लेकर अन्य खर्चों को फिजूल खर्च बताया गया और इसके लिए जुर्माना रखा गया है.

कुमावत समुदाय ने अपने प्रस्ताव में कहा, "फैशन ठीक है, लेकिन दूल्हे के लिए फैशन के नाम पर दाढ़ी की अनुमति नहीं है क्योंकि शादी एक संस्कार है, और इसमें दूल्हे को राजा के रूप में देखा जाता है, इसलिए उसे क्लीन शेव किया जाना चाहिए." समुदाय ने शादियों और अन्य अवसरों पर होने वाले खर्चों में कटौती करने और सुव्यवस्थित करने का फैसला किया है.

गहने पहनने को लेकर भी नियम
डीजे पर बन्दोली निकाले जाने पर भी एतराज जताते हुए इसे रोकने को कहा है. इसी के साथ शादी की रस्म के दौरान अफीम की मनुहार पर भी रोक लगाई गयी है. इसके अलावा, दुल्हन को कितने सोने और चांदी के गहने पहनने हैं यह भी निर्धारित किया जाएगा. समुदाय ने शादियों और अन्य उत्सवों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की संख्या को सीमित करने का प्रस्ताव भी पारित किया है.

समुदाय के लक्ष्मीनारायण ने कहा, "इन दिनों शादियां भव्य हो गई हैं और समुदाय के मध्यम वर्ग और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं, इसलिए हमने उन्हें सरल और अपने रीति-रिवाजों के अनुसार बनाने के लिए ऐसा फैसला किया गया है." उन्होंने कहा कि उनके समाज में लगभग 20,000 सदस्य हैं जो देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं, और सभी को बैठक के दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए.

 

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