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Kaziranga National Park: असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में खूबसूरत डॉल्फिन की अठखेलियों का लुत्फ उठा सकेंगे आप, बस चुकाने पड़ेंगे इतने रुपए 

काजीरंगा नेशनल पार्क असम के गोलाघाट, नागांव और सोनितपुर जिलों में स्थित है. इस राष्ट्रीय उद्यान को 1985 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था. यहां पर पर्यटक दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों के साथ डॉल्फिन की खूबसूरती का भी दीदार कर सकेंगे.

डॉल्फिन
आशुतोष मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:10 AM IST
  • रिवर टूरिज्म के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू
  • ब्रह्मपुत्र नदी में मौजूद हैं डॉल्फिंस 

असम स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क की खूबसूरती को देखने के लिए हर साल लाखों प्रकृति प्रेमी आते हैं. अब तक यह पार्क अपने विशालकाय हाथियों और दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों के लिए ही जाना जाता था लेकिन अब ब्रह्मपुत्र नदी में काजीरंगा की वाइल्ड लाइफ के साथ-साथ खूबसूरत डॉल्फिंस भी दिखेंगी. जी हां, काजीरंगा प्रशासन ने रिवर टूरिज्म के लिए ऑनलाइन बुकिंग की शुरुआत कर दी है. आप काजीरंगा प्रशासन की वेबसाइट से इसकी बुकिंग कर सकते हैं. ‌

पर्यटकों को लुभाने के लिए उठाए कदम
तीन साल पहले काजीरंगा में रिवर टूरिज्म की शुरुआत की गई थी लेकिन अब काजीरंगा नेशनल पार्क प्रशासन इसे बड़े पैमाने पर प्रमोट करना चाहता है ताकि सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया भर के सैलानी जो असम और खास कर काजीरंगा के दुर्लभ जानवरों की प्रजाति देखने आते हैं, उन्हें खूबसूरत डॉल्फिन भी देखने को मिले.‌

ब्रह्मपुत्र नदी के लगभग 100 किलोमीटर के हिस्से को साल 2008 में काजीरंगा वाइल्डलाइफ सेंचुरी का हिस्सा बना दिया गया था. वैसे तो हमेशा से डॉल्फिंस ब्रह्मपुत्र नदी में मौजूद रहीं लेकिन उन्हें अब तक पर्यटकों का आकर्षक बनाने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया गया लेकिन पिछले 3 सालों से रिवर टूरिज्म की शुरुआत करके पर्यटकों को डॉल्फिन देखने का मौका मिल रहा है.

रिवर टूरिज्म के लिए सबसे अनुकूल समय 
काजीरंगा के दो हिस्सों में जिसका नाम थीमोरगुड्डी और विश्वनाथ घाट है, जहां से विशेष नाव लेकर पर्यटक काजीरंगा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के भीतर ब्रह्मपुत्र नदी में खूबसूरत डॉल्फिंस को पानी में इठलाते, खेलते उतरते देख सकते हैं.  

टाइमर गुड्डी इलाके के डिप्टी फॉरेस्ट अफसर खगेश पेगु ने बताया कि इस साल से काजीरंगा प्रशासन इन डॉल्फिंस को लेकर रिवर टूरिज्म को बढ़ावा दे रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को डॉल्फिन देखने का मौका मिले. खगेश पेगू ने बताया कि नवंबर से लेकर के मार्च तक काजीरंगा नेशनल पार्क और रिवर टूरिज्म के लिए सबसे अनुकूल समय है. 

जेब से कितने रुपए करने पड़ेंगे खर्च
अब आपको बताते हैं कि डॉल्फिन देखने के लिए काजीरंगा में पर्यटकों की जेब से कितना पैसा खर्च होगा. दरअसल काजीरंगा नेशनल पार्क में प्रवेश करने के लिए भारतीय पर्यटकों को 100 रुपए तो विदेशी पर्यटकों को 650 रुपए अदा करने होंगे. विशेष नाव लेकर काजीरंगा के दोनों घाट से ब्रह्मपुत्र नदी में जाने के लिए हर नाव के लिए 1000 रुपए काजीरंगा प्रशासन को शुल्क के रुप में देना पड़ता है.

नाव के मालिक लगभग 1500 रुपए प्रति नाव की दर से शुल्क लेते हैं. सैलानी ऐसे में अपने परिवार या दोस्तों के साथ विशेष बुकिंग करके भी ब्रह्मपुत्र नदी के भीतर काजीरंगा की खूबसूरती और डॉल्फिन देख सकते हैं. यहां आप जीप सफारी का आनंद भी ले सकते हैं. इस राष्ट्रीय उद्यान को 1985 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल घोषित किया था.


 

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