उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की मिश्रिख तहसील में एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां पति ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ रहने की इजाजत देते हुए उसे विदा कर दिया. दोनों की शादी करीब 17 साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं. पति ने खुद पत्नी को गाड़ी में बैठाकर दिल्ली के लिए रवाना किया. उसका कहना है कि अब उसका पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है और वह दोनों की खुशहाल जिंदगी की कामना करता है.
22 दिन पहले घर से चली गई थी पत्नी
मिश्रिख निवासी विपिन भार्गव की शादी 12 मार्च 2009 को हुई थी. दंपती के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 16 और 14 साल बताई गई है. विपिन के मुताबिक, करीब 22 दिन पहले उसकी पत्नी घर से चली गई थी. इसके बाद उसने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
कुछ समय बाद पत्नी वापस लौटी, लेकिन उसने पति के साथ रहने के बजाय अंबेडकर नगर निवासी राहुल के साथ रहने की इच्छा जताई. बताया जा रहा है कि राहुल और महिला की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी.
मंदिर में एक दूसरे को पहनाई माला
महिला के फैसले के बाद मिश्रिख तहसील परिसर में जरूरी कागजी कार्रवाई की गई. इसके बाद हनुमान मंदिर के सामने महिला और राहुल ने एक-दूसरे को माला पहनाई. इस तरह दोनों ने साथ रहने का फैसला किया.
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पति विपिन के फैसले की हो रही है. उसने पत्नी को रोकने के बजाय उसे राहुल के साथ जाने दिया. विपिन ने खुद पत्नी को गाड़ी में बैठाया और दिल्ली के लिए विदा कर दिया.
पति बोला- दोनों खुश रहें, मुझे कोई लेना-देना नहीं
विपिन का कहना है कि अब उसका पत्नी से कोई लेना-देना नहीं है. उसने दोनों के खुशहाल जीवन की कामना की है. 17 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते के इस तरह खत्म होने की घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, दोनों बच्चों के भविष्य और उनकी देखभाल को लेकर क्या व्यवस्था हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है.
-अरविन्द मोहन मिश्रा की रिपोर्ट
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