Pink park for women in Delhi: हर एक वार्ड में महिलाओं के लिए बनाया जाएगा खास पिंक पार्क, होंगी सेल्फी पॉइंट, ओपन जिम जैसी सुविधाएं

दिल्ली में महिलाओं को उनके लिए समर्पित जगह देने की दिशा में Pink Park Model विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है. हर एक वार्ड में एक पिंक पार्क बनाया जाएगा.

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gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 11 मई 2023,
  • अपडेटेड 11:01 AM IST
  • दिल्ली में 17,000 से अधिक पार्क हैं
  • क्यों हैं पिंक पार्क मॉडल की जरूरत

दिल्ली नगर निगम पूरे शहर में सिर्फ महिलाओं के लिए पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है. इसके पीछे उनका उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है. 'गुलाबी मॉडल पार्क', नागरिक निकाय के 250 नगरपालिका वार्डों में विकसित किए जाएंगे. हर एक वार्ड के पार्क में बच्चों के खेलने के स्पेशल जगह के साथ सेल्फी पॉइंट और भित्तिचित्र, सीसीटीवी कैमरे, शौचालय, खुले जिम उपकरण और अतिरिक्त सेफ्टी फैसिलिटी होंगी.

बागवानी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस मामले को पिछले महीने सेक्टर की समीक्षा बैठक के दौरान उठाया गया था, जहां डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल ने सुझाव दिया था कि इस तरह के पार्क विकसित किए जाने चाहिए. आपको बता दें कि दिल्ली में 17,000 से अधिक पार्क हैं, उनमें से लगभग 90% को एमसीडी का बागवानी विंग मैनेज करता है. 

क्यों हैं पिंक पार्क मॉडल की जरूरत
बताया जा रहा है कि नगर निगम के तहत 15,000 से अधिक पार्क हैं. हर एक वार्ड में पार्कों की संख्या कुछ दर्जन से लेकर सौ से अधिक है. हर एक वार्ड में एक मॉडल पिंक पार्क विकसित करने की जरूरत  है. दरअसल, नगर निगम ने विभिन्न पार्क्स में ओपन जिम और अन्य सुविधाएं विकसित की हैं लेकिन महिलाएं इन पार्क्स में जाने या जिम करने में संकोच महसूस करती हैं. ऐसे में पिंक पार्क महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान प्रदान कर सकते हैं. पार्क 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी खुले रहेंगे. 

इकबाल के मुताबिक, पहला पायलट पिंक पार्क पिछले साल मार्च में रामलीला मैदान के पास माता सुंदरी रोड पर करीब 25 लाख रुपये की लागत से खोला गया था. अब इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है. 

19वीं शताब्दी का है कॉन्सेप्ट 
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में महिलाओं के लिए विशेष स्थान विकसित करने की अवधारणा, जैसे कि पार्क, 19वीं शताब्दी की है. दरियागंज क्षेत्र में नेताजी सुभाष मार्ग पर स्थित परदा बाग शहर का पहला जनाना (महिलाओं के लिए) पार्क था. लेखक और फिल्म निर्माता सोहेल हाशमी ने एचटी को बताया कि यह केवल महिलाओं की जगह थी. परदा बाग के प्रवेश पर दो लंबी मजबूत पठान महिलाओं का पहरा रहता था और नौ वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को इसमें प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी. यह एक खुली जगह थी जहां महिलाएं स्वतंत्र रूप से टहल सकती थीं और अन्य लोगों की चिंता किए बिना घूम सकती थीं. 

हाशमी ने कहा कि उस जगह का इस्तेमाल आजादी की लड़ाई में सक्रिय महिलाएं भी सभाएं करने के लिए करती थीं. 2019 में, शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (SRDC) ने जामा मस्जिद परिसर पुनर्विकास योजना के एक भाग के रूप में जनाना पार्क को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया था, लेकिन परियोजना को कभी लागू नहीं किया गया. उम्मीद है कि अब इस योजना से महिलाओं को उनकेलिए खास स्पेस मिल सकेगा. 

 

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