सर्दियों का मौसम आते ही कई लोगों को एक अजीब परेशानी का सामना करना पड़ता है. कभी दरवाजे का हैंडल छूते ही उंगलियों में हल्का झटका लगता है, तो कभी किसी दूसरे व्यक्ति को छूने पर करंट जैसा महसूस होता है. कई बार स्वेटर उतारते समय भी हल्की चिंगारी दिखाई देती है. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ज्यादातर मामलों में इसके पीछे बिजली का करंट नहीं, बल्कि स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी होती है. चलिए बताते हैं कि इससे कैसा बचा जाए.
क्या होती है स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी?
दरअसल जब किसी व्यक्ति या चीज की सतह पर बिजली का चार्ज जमा हो जाता है, तो उसे स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं. जब यह चार्ज किसी दूसरी चीज के संपर्क में आता है, तो अचानक बाहर निकलता है. इसी वजह से हमें हल्का झटका महसूस होता है. आमतौर पर यह झटका कुछ पल के लिए होता है. कई बार इसके साथ छोटी सी चिंगारी भी दिखाई देती है. यही कारण है कि दरवाजे का हैंडल, नल या दूसरी चीज छूने पर उंगलियों में चुभन महसूस हो सकती है.
कपड़े और जूते भी हो सकते हैं इसकी वजह
स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी बनने की एक बड़ी वजह दो चीजों के बीच रगड़ होना है. जब दो अलग-अलग सतहें आपस में रगड़ती हैं, तो उनके बीच इलेक्ट्रॉन्स का लेन-देन हो सकता है. इससे किसी एक सतह पर बिजली का चार्ज जमा हो जाता है. जैसे जब आप ऊनी स्वेटर उतारते हैं या बालों में कंघी करते हैं, तो घर्षण के कारण चार्ज बन सकता है. इसी तरह रबर की सोल वाले जूते पहनकर कारपेट पर चलने से भी शरीर में चार्ज जमा हो सकता है.
सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है यह परेशानी?
ठंड के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है. सूखी हवा में शरीर और कपड़ों पर जमा बिजली का चार्ज आसानी से बाहर नहीं निकल पाता. ऐसे में यह चार्ज जमा होता रहता है. जब आप किसी धातु की चीज को छूते हैं, तो यह चार्ज तेजी से बाहर निकलता है और आपको झटका महसूस होता है.
स्टैटिक शॉक से बचने के आसान तरीके