एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसे उगाना बेहद आसान है और इसके फायदे भी कई हैं. यह न सिर्फ आपकी बालकनी की खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि इसका जेल त्वचा और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत उपयोगी होता है. खास बात यह है कि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. अगर आप थोड़ी सी सही जानकारी के साथ इसकी देखभाल करें, तो आपका एलोवेरा पौधा सालों तक हरा-भरा और स्वस्थ रह सकता है. आइए जानते हैं बालकनी में एलोवेरा उगाने के आसान और असरदार तरीके.
सही गमला और स्थान चुनें
एलोवेरा के लिए ऐसा गमला चुनें जिसमें पानी निकलने के लिए अच्छे ड्रेनेज होल हों. गमला ज्यादा गहरा न होकर थोड़ा चौड़ा होना चाहिए, क्योंकि इसकी जड़ें ज्यादा गहराई में नहीं जातीं. मिट्टी के गमले बेहतर होते हैं, क्योंकि वे अतिरिक्त नमी को सोख लेते हैं. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को अच्छी रोशनी मिले, लेकिन तेज दोपहर की धूप सीधे न पड़े.
अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का उपयोग करें
एलोवेरा के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी है जिसमें पानी न ठहरे. इसके लिए आप कैक्टस या सक्युलेंट मिक्स का उपयोग कर सकते हैं. चाहें तो सामान्य मिट्टी में रेत, पर्लाइट या बजरी मिलाकर भी इसे तैयार किया जा सकता है. इससे जड़ों में हवा का प्रवाह बना रहता है और सड़न से बचाव होता है.
उचित रोशनी दें
एलोवेरा को तेज लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी पसंद होती है. सुबह की हल्की धूप इसके लिए अच्छी होती है, लेकिन दोपहर की कड़ी धूप से पत्तियां जल सकती हैं. यदि आप पौधे को बाहर रखते हैं, तो धीरे-धीरे उसे धूप के अनुकूल बनाएं.
कम लेकिन सही तरीके से पानी दें
एलोवेरा एक सक्युलेंट पौधा है, जो अपनी पत्तियों में पानी जमा करता है. इसलिए इसे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती. जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तभी पानी दें और अच्छी तरह दें. सर्दियों में पानी और कम कर दें. गमले के नीचे पानी जमा न होने दें.
तापमान और देखभाल का ध्यान रखें
एलोवेरा को 15 से 27 डिग्री सेल्सियस तापमान पसंद है. इसे ठंड, पाला या तेज बारिश से बचाएं. सूखी या खराब पत्तियों को समय-समय पर हटाते रहें.
समय-समय पर रिपॉटिंग और खाद
हर 2 से 3 साल में पौधे को नए गमले में लगाएं. वसंत ऋतु में हल्की मात्रा में खाद दें. ज्यादा खाद देने से नुकसान हो सकता है.
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