बिहार की बेटियां अब वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान बना रही हैं. मुजफ्फरपुर की सामाजिक कार्यकर्ता और अंतरराष्ट्रीय वक्ता रेनू पासवान को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोह कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट वॉक का विशेष निमंत्रण मिला है. यह फेस्टिवल आगामी मई महीने में फ्रांस में आयोजित होगा. रेनू पासवान बिहार की पहली महिला हैं, जिन्हें कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर चलने का अवसर मिला है.
पूरे बिहार और देश के लिए है गर्व का क्षण
रेनू पासवान कांस के मंच से बिहार की सामाजिक पहचान, नारी सशक्तिकरण और बालिकाओं के उत्थान की थीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगी. इस आयोजन में विश्वभर की नामचीन हस्तियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की मौजूदगी रहेगी. इस उपलब्धि पर रेनू पासवान ने कहा कि यह सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश के लिए गर्व का क्षण है.
उन्होंने बताया कि बचपन से ही वह महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए काम करती आ रही हैं और शायद इसी वजह से उन्हें यह मंच मिला है. रेनू ने यह भी कहा कि इस श्रेणी में बिहार से अब तक किसी को यह मौका नहीं मिला था. रेनू पासवान ने उम्मीद जताई कि यदि इस अभियान में बिहार सरकार का सहयोग मिले, तो राज्य की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार की पहचान है.
कई मंचों पर भारत का कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
अपने संघर्षों को याद करते हुए रेनू ने बताया कि मालीघाट ढेव जैसे इलाके से निकलकर उन्होंने बाल विवाह का विरोध किया, नौकरी छोड़ी और शिक्षा को प्राथमिकता दी. आज वह न केवल खुद शिक्षित हैं, बल्कि हजारों महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही हैं.
साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि बिहार को केवल नकारात्मक नजरिये से नहीं, बल्कि आगे बढ़ते हुए राज्य के रूप में दिखाया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि रेनू पासवान तेजस्विनी भारत फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष हैं. वह संयुक्त राष्ट्र, TEDx, Josh Talks जैसे मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. अब कांस फिल्म फेस्टिवल में उनकी मौजूदगी बिहार की आवाज को वैश्विक मंच तक पहुंचाएगी.
(मुजफ्फरपुर से मणि भूषण शर्मा की रिपोर्ट)