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Territorial Army Joining Process: टेरिटोरियल आर्मी में कैसे होती है भर्ती? एलिजिबिलिटी से लेकर सेलेक्शन तक, जानिए पूरा प्रोसेस

भारत में आम नागरिक भी सेना में सेवाएं दे सकते हैं. इसके लिए सेना में टेरिटोरियल आर्मी की एक इकाई है. इस इकाई का इस्तेमाल भारतीय सेना युद्ध, इमरजेंसी और अभियान के दौरान करती हैं. टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने का प्रोसेस है. इसे पूरा करने के बाद ही टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा बन सकते हैं.

Territorial Army Joining Process (Photo Credit: Getty)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 8:24 PM IST
  • भारतीय सेना की यूनिट है टेरिटोरियल आर्मी
  • आम लोग बन सकते हैं इस यूनिट का हिस्सा

टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने के लिए उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए, उम्र 18 से 42 साल के बीच होनी चाहिए और ग्रेजुएट होना जरूरी है। शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया में सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है, फिर इंटरव्यू, उसके बाद शारीरिक परीक्षा और मेडिकल टेस्ट लिया जाता है। सभी चरणों में सफल होने पर उम्मीदवार को टेरिटोरियल आर्मी में शामिल किया जाता है।

टेरिटोरियल आर्मी भारत का रिजर्व सैन्य बल है. ये कोई परमानेंट सेना नहीं है. इसके तहत देश का आम नागरिक भारतीय सेना में अपनी सेवा दे सकता है. अगर आप अपनी नौकरी छोड़े बिना देश की सेवा करना चाहते हैं तो टेरिटोरियल आर्मी बिल्कुल सही रहेगा. टेरिटोरियल आर्मी को सिटीजन आर्मी भी कहा जाता है. टेरिटोरियल आर्मी के जरिए पॉलिटिशियन, खिलाड़ी और आम नागरिक देश की सेवा कर सकते हैं.

क्या होती है टेरिटोरियल आर्मी?

टेरिटोरियल आर्मी (Territorial Army) भारत की एक स्वैच्छिक पार्ट-टाइम मिलिट्री यूनिट है. इसमें आम नागरिक देश की सेवा करने के लिए सेना का हिस्सा बनते हैं. इसे भारतीय सेना को सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस माना जाता है. इसे नौकरी की तरह समझना गलत होगा. टेरिटोरियल आर्मी को 1949 में शुरू किया गया था. टेरिटोरियल आर्मी में शामिल लोग आमतौर पर किसी नौकरी या बिजनेस में लगे होते हैं. जरूरत टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए लोगों को सेना की सेवा के लिए बुलाया जाता है. बाकी समय टेरिटोरियल आर्मी में शामिल लोग अपना रोजमर्रा का काम कर सकते हैं. इसमें शामिल व्यक्ति परमानेंट सेना के जवान नहीं होते हैं. इन्हें युद्ध, आपातकाल या विशेष अभियानों के समय बुलाया जाता है.

कैसी है टेरिटोरियल आर्मी की यूनिट?

टेरिटोरियल आर्मी में देश भर से 50 हजार लोग शामिल हैं. इस सेना में रेलवे, ओएनजीसी, पैदल सेना, पर्यावरण बटालियन और इंजीनियर रेजिमेंट भी शामिल है. टेरिटोरियल आर्मी की यूनिट ने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में हिस्सा लिया था. इसके अलावा श्रीलंका में हुए ऑपरेशन पवन, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में हुए ऑपरेशन रक्षक में भी बड़ा रोल रहा था.

टेरिटोरियल आर्मी में कौन हो सकता है शामिल?

  • टेटोरियल आर्मी में शामिल होने के लिए भारत का नागरिक होना चाहिए. इसके अलावा 18 से 42 वर्ष के बीच उम्र होनी चाहिए.
  • सेना की इस यूनिट में शामिल होने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना चाहिए.
  • टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा बनने के लिए ग्रेजुएट होना चाहिए. इससे शख्स को सेना का अनुभव मिलता है.
  • टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने से देश की सेवा का मौका मिलता ही है. इसके अलावा कुछ वित्तीय लाभ और भत्ते भी मिलते हैं.

कैसे होती है भर्ती?

  • टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती होने के कई तरीके हैं. अगर किसी शख्स ने खेल, कला और शानदार काम किया है तो उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाता है.
  • एमएस धोनी और कपिल देवी जैसी हस्तियां इसी तरह से टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा बने हैं.
  • इसके अलावा बतौर जवान टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती होती है. आम नागरिक को इसके लिए आवेदन करना पड़ता है.
  • टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती का नोटिफिकेशन आमतौर पर न्यूजपेपर और वेबसाइट पर जारी होता है.
  • कैंडिडेट की दी गई तारीख पर रिक्रूटिंग ऑफिस पहुंचना पड़ता है. इस प्रोसेस में फिजिकल टेस्ट, मेडिकल बोर्ड और पुलिस वेरिफिकेशन होता है.

कैसे होता है चयन?

  • टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती में सिलेक्शन के लिए एक लिखित एग्जाम होता है. 
  • इसके बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू, चिकित्सा परीक्षण और डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है. 
  • एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं. जांच परीक्षा पास करने के बाद ही टेरिटोरियल आर्मी में भर्ती होने के पात्र बनते हैं. 
  • भर्ती के नोटिफिकेशन के लिए भारतीय सेना की वेबसाइट देखते रहें. लिखित और शारीरिक परीक्षा की अच्छी तैयारी करें. सभी दस्तावेज तैयार कर लें.

टेरिटोरियल आर्मी भारत की एक पार्ट-टाइम सेना है जिसमें आम नागरिक जरूरत पड़ने पर देश की रक्षा में मदद करते हैं. इसमें शामिल लोग अपनी नौकरी या बिजनेस के साथ-साथ सेना की ट्रेनिंग भी लेते हैं. युद्ध या इमरजेंसी में इनकी सेवाएं ली जाती हैं. यह देश सेवा का अच्छा मौका है. इसमें जॉइन करने के लिए उम्र, पढ़ाई और फिटनेस की शर्तें होती हैं.

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