उत्तर भारत में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा. यह समय हर साल आता है और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं. यह समय हर साल मई के अंतिम सप्ताह से जून की शुरुआत तक पड़ता है. इस समय तो नौतपा के नाम से जाना जाता है.
इस साल नौतपा 25 मई से 2 जून तक होगा. नौतपा संस्कृत के नव और तप शब्द से मिलकर बना है जिसका अर्थ नौ दिनों की तपिश होता है. इन दिनों में तापमान अक्सर 42 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. नौपता में बाहर तो गर्मी झेलनी पड़ती ही है, लेकिन कई बार घर में लगा एसी भी इस गर्मी को दूर करने में फेल हो जाता है.
क्यों कमरा बन जाता है भट्टी?
दरअसल कमरा के गर्म होने के पीछे कई कारण है. लेकिन यह सभी कारण किसी न किसी जाकर सीधे छत से जुड़ जाते है. असल में जब छत पर धूप पड़ती है, तो छत धूप को सोख लेती है. जिसके कारण छत की सतह काफी ज्यादा गर्म हो जाती है. आजकल जिस तरह RCC से छत तैयार की जाती हैं, वह गर्मी को ज्यादा सोखती है और बाद में गर्माहट को धीरे-धीरे छोड़ती है. इसके अलावा हमारी छत पर किसी तरह का रिफ्लेक्टर नहीं होता, जो धूप को लौटा सके. इसलिए सारी धूप छत पर ही पड़ती रहती है.
अब शुरू होती है असल परेशानी. रात के समय में रूफ उस सभी गर्माहट को धीरे-धीरे छोड़ती है, जिसे उसने दिनभर सोखा है. ऐसे में एसी-कूलर सब कमरे को ठंडा करने में फेल होते नजर आते हैं. लेकिन अगर कुछ आसान उपाय अपना लिए जाएं, तो नौतपा के दौरान कमरा रात में ठंडा रहेगा, जिससे आप सुकून भरी नींद ले सकेंगे.
अपनाए ये जादुई उपाय