फल हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा हैं. सेब, केला, नाशपाती और एवोकाडो जैसे फल सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि इन्हें काटने के कुछ ही समय बाद इनका रंग भूरा या काला पड़ने लगता है. कई लोग इसे फल खराब होने की निशानी मानकर खाने से बचते हैं. जबकि हर बार ऐसा नहीं होता. हालांकि, अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो कटे हुए फलों का रंग, स्वाद और ताजगी लंबे समय तक बनाए रखी जा सकती है. चलिए जानते हैं कैसे...
क्यों बदल जाता है कटे हुए फलों का रंग
फल काटने के बाद उनका अंदरूनी हिस्सा हवा के संपर्क में आ जाता है. ऐसे में फलों में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करने लगते हैं. इसी वजह से उनका रंग धीरे-धीरे भूरा या काला दिखाई देने लगता है. गर्म मौसम और फलों को लंबे समय तक खुले में छोड़ने से यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है.
इन आसान तरीकों से बचाएं फलों को काला होने से
कटे हुए फलों पर थोड़ा-सा नींबू का रस लगाने से उनका रंग जल्दी नहीं बदलता. नींबू में मौजूद विटामिन सी ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है. हालांकि, नींबू का रस जरूरत से ज्यादा न डालें, ताकि फल का स्वाद न बदले. कटे हुए फलों को हमेशा एयरटाइट डिब्बे में रखें. इससे हवा का संपर्क कम होगा और फल ज्यादा देर तक ताजे बने रहेंगे. अगर तुरंत खाने का इरादा न हो, तो डिब्बे को फ्रिज में रखना बेहतर विकल्प है.
फलों को सही तरीके से करें स्टोर
फल काटने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें. अगर कुछ देर बाद खाना है, तो उन्हें तुरंत फ्रिज में रख दें. साथ ही, जितनी जरूरत हो, उतने ही फल काटें. पहले से ज्यादा मात्रा में फल काटकर रखने से उनका रंग और स्वाद जल्दी बदल सकता है.
कटे हुए फल कितनी देर तक सुरक्षित रहते हैं
सामान्य तौर पर कटे हुए फल कमरे के तापमान पर करीब 1 घंटे तक ही अच्छे रहते हैं. इसके बाद उनका रंग और स्वाद बदलने लगता है. वहीं, अगर उन्हें एयरटाइट डिब्बे में बंद करके फ्रिज में रखा जाए, तो अधिकतर फल लगभग 24 घंटे तक सुरक्षित रह सकते हैं. फिर भी, बेहतर पोषण और स्वाद के लिए इन्हें जल्द से जल्द खा लेना चाहिए.
इन बातों का भी रखें ध्यान
कटे हुए फलों को हमेशा साफ और सूखे डिब्बे में रखें.
फल काटने के लिए साफ चाकू और कटिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें.
अगर किसी फल से बदबू आने लगे, उसका रंग बहुत ज्यादा बदल जाए या उसकी बनावट खराब हो जाए, तो उसे खाने से बचना चाहिए.
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