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उज्जैन में अनोखा ऑपरेशन, 80 टांके लगाकर डॉक्टर्स ने बचाई जहरीले कोबरा की जान

घटना उज्जैन के विक्रम नगर इंडस्ट्रियल एरिया की है. यहां जेसीबी की चपेट में आने से कोबरा गंभीर रूप से घायल हो गया था. गहरी चोटों की वजह से वह दूर नहीं जा सका और लगातार उसी इलाके में तड़पता रहा.

Unique Surgery
gnttv.com
  • उज्जैन,
  • 28 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST
  • गंभीर रूप से घायल हो गया था कोबरा
  • एनेस्थीसिया देकर बचाई कोबरा की जान

गंभीर हालत में पहुंचे कोबरा सांप को 80 टांके लगाकर फिर से जीवन दिया गया. यह बात सुनने में भले ही अविश्वसनीय लगे, लेकिन पूरी तरह सच है. मामला उज्जैन का है, जहां जेसीबी की चपेट में आकर घायल हुए कोबरा सांप की डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर जान बचाई है.

गंभीर रूप से घायल हो गया था कोबरा
घटना उज्जैन के विक्रम नगर इंडस्ट्रियल एरिया की है. यहां जेसीबी की चपेट में आने से कोबरा गंभीर रूप से घायल हो गया था. गहरी चोटों की वजह से वह दूर नहीं जा सका और लगातार उसी इलाके में तड़पता रहा. स्थानीय लोगों ने तुरंत सर्प मित्रों को सूचना दी जो उसे उठाकर पशु चिकित्सालय पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने उसकी जटिल सर्जरी की.

एनेस्थीसिया देकर बचाई कोबरा की जान
कोबरा प्रजाति का होने से इस सांप को बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह बेहद ही जहरीला होता है. लेकिन उज्जैन के पशु चिकित्सक डॉक्टर मुकेश जैन, रवि राठौर, प्रशांत परिहार और टीम ने हल्के एनेस्थीसिया के बाद कोबरा को बेहद कठिन और जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया.

कोबरा की हालत अब काफी बेहतर
आजतक से बातचीत में सीनियर वेटनरी डॉक्टर मुकेश जैन ने बताया कि सांप पकड़ने वाले ने उन्हें फोन कर नागझिरी क्षेत्र में घायल कोबरा की जानकारी दी थी. पहले तो उन्हें भी लगा कि सांप शायद नहीं बचेगा, क्योंकि अंदरूनी अंग फट चुके थे. दो लेयर में टांके लगाए गए. पहले अंदर के ऑर्गन रिकंस्ट्रक्ट किए, फिर बाहर की सिलाई की गई. एंटीबायोटिक और दर्दनाशक इंजेक्शन दिए गए. अब कोबरा की हालत काफी बेहतर है. उसने खाना भी लिया है और मूवमेंट भी कर रहा है. सर्जरी के बाद उसकी स्थिति स्थिर है. एक-दो दिन देखरेख में रखने के बाद उसे जंगल में छोड़ा दिया जाएगा.

-रवीश पाल सिंह/संदीप कुलश्रेष्ठ

 

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