अगर आप पौधा लगाते समय थोड़ी सी समझदारी दिखा लें, तो आगे चलकर कीड़े, फंगस और पौधे को कमजोर होने से बचा जा सकता है. यहां हम बात कर रहे हैं एक ऐसी चीज की, जो करीब हर रसोई में मौजूद होती है या 10 रुपये में आसानी से बाजार में मिल जाती है. यह चीज पौधों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है.
पौधे का करेगा फंगल से बचाव
वह 10 रुपए की चीज है दालचीनी पाउडर. दालचीनी में मौजूद शक्तिशाली एंटीफंगल गुण मिट्टी में पनपने वाले फंगल से पौधों को बचाने में मदद करते हैं. खासतौर पर डैम्पिंग-ऑफ जैसी समस्या से. इस प्रॉब्लम में छोटे पौधों का तना या जड़ नीचे से सड़ने लगता है, दालचीनी उससे पौधों का बचाव करता है. अगर मिट्टी में दालचीनी को हल्की मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो यह मिट्टी में फंगस को पनपने का मौका ही नहीं देता है.
प्राकृतिक रूटिंग एजेंट की तरह करता है काम
जब किसी पौधे की कटिंग लगाई जाती है, तो उनमें जड़ों का सही विकास बहुत जरूरी होता है. कटिंग के निचले, गीले सिरे पर दालचीनी पाउडर लगाने से जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. साथ ही फंगस लगने की शंका भी कम हो जाती है. यह एक सुरक्षित और प्राकृतिक रूटिंग एजेंट की तरह काम करता है.
कीटों को दूर रखने में करता है मदद
दालचीनी की तेज गंध चींटियों और अन्य कीटों को दूर रखने में मददगार होती है. गमले या पौधे की मिट्टी पर हल्का सा पाउडर छिड़कने से कीट पास नहीं आते. इससे निकलने वाले केमिकल से कीटनाशक पाउडर की जरूरत भी कम पड़ती है.
पौधों के विकास में है सहायक
दालचीनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पौधों को पोषक तत्व बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करते हैं. इससे पौधे मजबूत बनते हैं और उनकी ग्रोथ बेहतर होती है.
दालचीनी के इस्तेमाल का तरीका
पौधों के साथ समय बिताना तनाव कम करता है और मन को शांत रखता है. पौधों के पास बैठ कर धीमी सांस लें और प्रकृति पर ध्यान दें. ऐसा करने से मन शांत होगा और खुशी महसूस होगी. वहीं हरे भरे पौधे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करते हैं.