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Women making organic Holi colors: होली के लिए ऑर्गनिक रंग बना रही हैं महिलाएं, स्किन के लिए रहेंगे अच्छे और महिलाओं की बढ़ी आमदनी

Women making organic Holi colors: उत्तर प्रदेश के बांदा में महिला स्वयं सहायता समुह होली के लिए हर्बल और ऑर्गनिक रंग और गुलाल तैयार करके बाजार में बेच रही हैं.

holi 2024
gnttv.com
  • बांदा ,
  • 07 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

होली का त्योहार आने वाला है. बाजारों में केमिकल युक्त रंग, अबीर और गुलालों की भरमार है. जिसको देखते हुए उत्तर प्रदेश में बांदा की महिलाओं ने इस बार केमिकल मुक्त ऑर्गनिक गुलाल तैयार किया है, जो लोगो को बहुत पसंद आ रहा है. इस ऑर्गनिक गुलाल की डिमांड अब लोगो मे तेजी से बढ़ रही है. 

महिलाओं का कहना है कि इस गुलाल में न तो किसी प्रकार का कोई केमिकल मिलाया गया है, जिससे स्किन प्रभावित हो. शुद्ध तरीके से सब्जियों के रस को सुखाकर उसमें आरारोड मिलाकर बनाया जा रहा है. यह पहली बार है जब बांदा में महिलाएं ऐसा कर रही हैं. 

घरेलू चीजों से बना रही हैं गुलाल
होली में तरह-तरह के केमिकल युक्त रंग और गुलाल का प्रयोग होता है, जिसका असर स्किन के साथ-साथ हेल्थ पर भी होता है. जिसको देखते हुए महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह ने ऑर्गनिक गुलाल बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी की है. इस गुलाल को फल-सब्जियों के रस, और घरेलू जड़ी बूटी से तैयार किया जा रहा है. 

इन महिलाओं को डूडा विभाग से प्रशिक्षण भी मिला है. इसे उपयोग करने से शरीर में किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नही होगा. चिकित्सक भी बाजार में बिक रहे केमिकल युक्त रंग- अबीर से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे स्किन प्रभावित होती है, लेकिन ऑर्गनिक गुलाल उपयोग किया जा सकता है.

महिलाओं की बढ़ी आमदनी
समूह की महिला शालिनी पांडेय ने बताया कि 20 से ज्यादा महिलाएं ऑर्गनिक गुलाल बना रही हैं, यह पूरी तरह से नेचुरल है. सब्जियों के रस को सुखाकर उसमें आरारोड मिलाकर गुलाल बनाया जाता है. अब तक उन्होंने इस गुलाल के हजार से ज्यादा पैकेट बनाकर बाजार में बेचे हैं. अब लगातार डिमांड बढ़ रही है. उनका लक्ष्य है कि होली तक करीब 15000 से ज्यादा पैकेट बनाकर बाजार में बिक जाए. इस काम से महिलाओं का आमदनी बढ़ी है और प्रशासन के अधिकारियों का उन्हें पूरा सहयोग मिल रहा है.

इस तरह घर में बना सकते हैं हर्बल रंग 

1. हर्बल गुलाल बनाने के लिए आप 200 ग्राम अरारोट पाउडर, 100 ग्राम हल्दी, 50 ग्राम गेंदे के फूल, 20 ग्राम संतरे के छिलके का पाउडर (बारीक पीसा हुआ) और 20 बूंदें नींबू या चंदन का इशेंसियल ऑइस लें. सभी सामग्री को एक बड़े प्लास्टिक के मिक्सिंग बाउल या टब में डालें और धीरे से एक साथ रगड़ते हुए हाथ से मिलाएं. आपको सुंदर पीले रंग का, सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल बनता हुआ दिखाई देगा.

2. मैजेंटा या गुलाबी रंग के लिए चुकंदर अच्छा रहता है. गहरे मैजेंटा रंग का पानी बनाने के लिए एक कप पानी में चुकंदर के कुछ टुकड़े उबालें. सूखे पाउडर के लिए चुकंदर को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे धूप में सूखने दें. बेसन या गेहूं के आटे में मिलाकर प्रयोग करें. इस रंग के लिए गुड़हल का फूल एक और अच्छा विकल्प है.

3. चावल के आटे में फूड कलर मिलाएं और इसमें दो चम्मच पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. इसे सूखने के लिए छोड़ दें और फिर ग्राइंडर में पीस लें. इसे पाउडर रंग के रूप में उपयोग कर सकते हैं. 

4. केसरिया, नारंगी या पीला प्राकृतिक होली रंग बनाना आसान है. पाउडर के लिए, बेसन लें और इसमें थोड़ी हल्दी और थोड़ा सा पानी मिलाएं. फिर इसे धूप में सूखने के लिए छोड़ दें. पानी वाले रंगों के लिए मेहंदी की पत्तियों को रात भर पानी में भिगो दें और सुबह उस पानी से होली खेलें. आप मेहंदी पेस्ट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

(सिद्धार्थ गुप्ता से इनपुट)

 

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