Advertisement

Viral Post: 'आराम की कीमत 300 रुपए'... युवक की पोस्ट ने छेड़ी बहस, लोकल सैलून को ऑनलाइन हेयरकट सेवा से किया कंपेयर.. बोले सारा धंधा है केवल सुविधा का

एक्स पोस्ट में युवक ने लिखा कि उसने घर पर हेयरकट के लिए ऐप से सर्विस बुक की, जिसकी कीमत 350 थी. लेकिन किसी कारण ऐप का कर्मचारी नहीं आ पाया.

man haircut
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:57 PM IST

डिजिटल दौर में लोग सुविधा के लिए ऑनलाइन सेवाओं का काफी सहारा ले रहे हैं. खाना ऑर्डर करने से लेकर घर पर ब्यूटी और ग्रूमिंग सर्विस बुक करने तक, सब कुछ केवल एक क्लिक में संभव हो चुका है. लेकिन सवाल है कि क्या हम इन सेवाओं के लिए जरूरत से ज्यादा पैसे तो नहीं दे रहे हैं? दरअसल इस बहस को मुंबई के एक व्यक्ति ने अपने एक्सपीरियंस को शेयर कर उठाया है. यह बहस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर होने से बाद शुरू हुई.

पहले की सर्विस बुक पर करनी पड़ी कैंसल?

मुंबई के रहने वाले अनिरुद्ध केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुएॉ बताया कि उन्होंने घर पर हेयरकट के लिए एक ऑनलाइन सर्विस बुक की थी. इस सर्विस की कीमत करीब 350 रुपए थी. उन्होंने बताया कि वह घर पर हेयरकट लेना नहीं चाहते थे, लेकिन क्योंकि नजदीकी सैलून उनके नए घर से करीब 1.5 किलोमीटर था, इसलिए उन्होंने ऑनलाइन सर्विस बुक की.

उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि बुकिंग के बाद उन्हें स्टाइलिस्ट का फोन आया, जिसने बताया कि उसका वाहन खराब हो गया है और वह देरी से पहुंचेगा. समय कम था इसलिए अनिरुद्ध ने सर्विस कैंसल की और आसपास कोई सैलून तलाशने निकल पड़े.

घर से नीचे ही मिल गया सैलून 

अनिरुद्ध ने बताया कि जैसे ही वह नीचे पहुंचे, उन्हें दो दुकानों के बीच एक छोटा-सा लोकल सैलून दिखाई दिया. वहां उन्होंने केवल 60 रुपए में हेयरकट कराया और 20 मिनट बाद घर भी लौट आए. इस एक्सपीरियंस ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि ऑनलाइन बुकिंग के जरिए वह असल में हेयरकट के लिए नहीं, बल्कि केवल सुविधा के लिए एक्स्ट्रा 300 रुपए देने वाले थे.

हम चुका रहे पैसा केवल आराम के लिए?

अपने पोस्ट में अनिरुद्ध कहते हैं कि भारत में अक्सर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और लोकल सेवा देने वालों के बीच क्वालिटी का अंतर उतना नहीं होता, जितना कीमत में दिखाई देता है. कई बार सेवा देने वाले लोगों के पास स्किल और एक्सपीरियंस लगभग बराबर ही होता है. लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ग्राहक को सुविधा, खोज और ट्रैवल की परेशानी से बचाने के लिए एक्स्ट्रा पैसे लेते हैं.

अनिरुद्ध का मानना है कि अर्बन कंपनी, स्विगी, जोमैटो और ब्लिंकइट जैसे प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी ताकत उनकी लॉजिस्टिक्स और सुविधा है. ये कंपनियां कस्टूमर्स को समय और मेहनत बचाने का ऑप्शन देती हैं. यानी ग्राहक सिर्फ सेवा के लिए नहीं, बल्कि उस सुविधा के लिए पैसे देता है, जो उसे घर बैठे सब कुछ मुहैया करवा रही है. यही इन प्लेटफॉर्म्स का असली बिजनेस मॉडल भी है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement