अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, और पासपोर्ट भी पहली ही बार बनवा रहे हैं. ऐसे में एक बड़ा सवाल आपके सामने आ सकता है कि नॉर्मल पासपोर्ट बनवाएं या तत्काल पासपोर्ट को चुनें. दोनों किस्म के पासपोर्ट होते एक जैसे ही हैं, लेकिन फर्क होता है को केवल प्रोसेसिंग टाइट, फीस और पात्रता का? तो चलें आपके लिए इस सवाल के जवाब को चुनना आसान बनाते हैं.
नॉर्मल पासपोर्ट उन लोगों के लिए बेहतर है, जिन्हें बाहर जाने में कोई जल्दी नहीं है. साथ ही उनके पास इतना समय है कि वह नॉर्मल प्रक्रिया से गुजरते हुए पासपोर्ट बनवा सकते हैं. इसके लिए उन्हें ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा, पासपोर्ट सेवा केंद्र से अपाइंटमेंट लेनी होगी, डॉक्यूमेंट वेरिफाय करवाने होंगे और पुलिस वेरिफिकेशन भी करवानी होगी.
तत्काल पासपोर्ट अक्सर वो लोग चुनते हैं, जिनकी विदेश यात्रा अचानक होनी होती है. साथ ही उनके पास ज्यादा समय नहीं होता. ऐसे में वह तत्काल पासपोर्ट चुनते हैं जिसमें प्रोसेसिंग का समय काफी कम होता है. ऑनलाइन फॉर्म तो नॉर्मल फॉर्म की तरह ही जमा करना होता है, लेकिन जल्द प्रक्रिया के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं. साथ ही केस के अनुसार, हो सकता है पुलिस वेरिफिकेशन पासपोर्ट जारी होने के बाद हो.
तत्काल पासपोर्ट वो लोग चुनते हैं, जिनकी विदेश यात्रा अचानक होनी होती है. या फिर पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट बहुत नजदीक होती है. या फिर स्टूडेंट वीजा, नौकरी या बिजनेस वीजा के लिए तत्काल पासपोर्ट चाहिए हो. कई लोगों को मेडिकल एमरजेंसरी के चलते तत्काल पासपोर्ट लेना पड़ता.
बेशक तत्काल पासपोर्ट में प्रोसेसिंग प्रक्रिया तेज होता है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं देती कि आपको उसी दिन पासपोर्ट मिल जाएगा या अगले दिन. आपको पासपोर्ट जारी होने का समय डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, आवेदन और अन्य वेरिफिकेशन पर निर्धारित होती है.
तत्काल पासपोर्ट किसी भी नॉर्मल पासपोर्ट की तरह ही होता है. बस फर्क होता है तो केवल प्रोसेसिंग टाइम का. दोनों प्रक्रिया में एक जैसे डॉक्यूमेंट और एक जैसी प्रक्रिया होती है. लेकिन फर्क होता है तो केवल प्रोसेसिंग प्रक्रिया और फीस का. इसलिए तत्काल के लिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपके पास सभी डॉक्यूमेंट मौजूद हैं. अगर ऐसा नहीं होता है तो तत्काल की प्रक्रिया में और समय लग सकता है.