हाईवे पर वाहन आमतौर पर 80 से 100 किमी प्रति घंटा या उससे ज्यादा की स्पीड से दौड़ते हैं. ऐसे में अगर अचानक किसी गाड़ी का टायर फट जाए, तो ड्राइवर के सामने बेहद मुश्किल हालात पैदा हो सकते हैं. कुछ ही सेकेंड में वाहन का बैलेंस बिगड़ सकता है और एक छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकती है. यही वजह है कि टायर ब्लास्ट होने की स्थिति में सही रिएशन देना बेहद जरूरी हो जाता है.
जब तेज स्पीड में टायर फटता है, तो गाड़ी अचानक किसी एक डायरेक्शन में खिंचने लगती है. इस दौरान लोग घबरा जाते हैं और तुरंत ब्रेक दबाने या स्टीयरिंग घुमाने की कोशिश करते हैं. यही गलती हादसे की सबसे बड़ी वजह बनती है. ऐसी स्थिति में सबसे पहले खुद को शांत रखें और दोनों हाथों से स्टीयरिंग को मजबूती से पकड़ें. वाहन को सीधा रखने की कोशिश करें और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें.
कई बार ड्राइवर घबराकर पूरी ताकत से ब्रेक लगा देते हैं. तेज रफ्तार में ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है क्योंकि गाड़ी बैलेंस खोकर घूम सकती है या पलट सकता है. इसी तरह अचानक हैंडब्रेक खींचना भी जोखिम भरा होता है. इससे पिछले पहिये लॉक हो जाते हैं और गाड़ी का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ सकता है. वहीं स्टीयरिंग को तेजी से किसी एक डायरेशन में मोड़ना भी हादसे की संभावना को बढ़ा देता है.
टायर ब्लास्ट होने के बाद सबसे पहले एक्सीलेटर से धीरे-धीरे पैर हटाएं. गाड़ी की स्पीड को खुद से कम होने दें. यदि गाड़ी किसी एक तरफ खिंच रही है, तो स्टीयरिंग पर हल्का कंट्रोल रखते हुए उसे सीधा रखने की कोशिश करें. इस दौरान अचानक कोई हरकत करने के बजाय गाड़ी को धीरे-धीरे स्टेबल होने दें.
जब गाड़ी की स्पीड लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक आ जाए, तब हल्के और कंट्रोल्ड तरीके से ब्रेक लगाना शुरू करें. इसके बाद लेफ्ट इंडिकेटर देकर गाड़ी को सड़क के किनारे ले जाएं. गाड़ी रोकने के बाद हैजर्ड लाइट या चारों इंडिकेटर ऑन कर दें ताकि पीछे से आने वाले वाहन टाइम रहते अलर्ट हो जाएं.