आज के समय में बढ़ती महंगाई के कारण नई स्कूटी खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है. यही वजह है कि कई लोग कम बजट में सेकेंड हैंड स्कूटी खरीदना चुनते हैं. खासकर छात्र, ऑफिस जाने वाले लोग और रोजाना सफर करने वाले लोग पुरानी स्कूटी लेना ज्यादा किफायती मानते हैं.
कई बार सस्ती डील के चक्कर में लोग बिना ठीक से जांच-पड़ताल किए स्कूटी खरीद लेते हैं, जो बाद में परेशानी का कारण बन सकती है. कई मामलों में कागजों की गड़बड़ी, एक्सीडेंटल गाड़ी या इंजन की खराबी जैसी समस्याएं सामने आती हैं. इसलिए अगर आप पुरानी स्कूटी खरीदने का सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है.
जरूरी दस्तावेजों की जांच
सेकेंड हैंड स्कूटी खरीदते समय सबसे पहले उसके सभी जरूरी दस्तावेजों को ध्यान से चेक करना चाहिए. स्कूटी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) असली है या नहीं. RC में दिए गए इंजन नंबर और चेसिस नंबर को स्कूटी पर लिखे नंबर से मिलाकर देखना भी जरूरी होता है. इसके अलावा गाड़ी का इंश्योरेंस वैध है या नहीं और उसकी एक्सपायरी डेट क्या है, यह भी जांच लें. साथ ही पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट होना भी जरूरी है. यदि सभी कागजात सही और पूरे मिलते हैं, तो यह संकेत होता है कि वाहन कानूनी रूप से सुरक्षित है.
असली मालिक की पहचान
स्कूटी खरीदते समय यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसे बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसी गाड़ी का मालिक है. कई बार ब्रोकर या अन्य लोग वाहन बेचने की कोशिश करते हैं, जिससे बाद में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है. इसलिए पहचान पत्र देखकर उसकी जानकारी को RC में दर्ज नाम से मिलान करना चाहिए. अगर स्कूटी फाइनेंस पर खरीदी गई थी, तो यह भी पता करें कि उसका लोन पूरी तरह चुकाया जा चुका है या नहीं. यदि लोन बाकी है, तो फाइनेंस कंपनी से NOC लेना जरूरी होता है, वरना गाड़ी ट्रांसफर कराने में दिक्कत आ सकती है.
सर्विस हिस्ट्री से समझें गाड़ी की असली हालत
पुरानी स्कूटी खरीदते समय उसकी सर्विस हिस्ट्री जानना भी बेहद जरूरी होता है. अगर स्कूटी की नियमित सर्विस किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर होती रही है, तो उसका रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकता है. इससे यह समझने में आसानी होती है कि वाहन का रखरखाव सही तरीके से किया गया है या नहीं. सर्विस रिकॉर्ड से यह भी पता लगाया जा सकता है कि पहले कभी इंजन, ब्रेक या अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स में कोई बड़ी समस्या तो नहीं आई थी.