आखिर रेलवे स्टेशन पर क्यों नहीं होता मेडिकल स्टोर? सफर के दौरान हो जाए तबीयत खराब.. तो क्या करें?

रेलवे स्टेशन पर खाने-पीने की दुकानों से लेकर बुक स्टोर दिख जाते हैं, लेकिन सेहत के लिए कभी कोई मेडिकल स्टोर नहीं दिखता. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर स्टेशन पर आपकी तबीयत खराब हो जाती है, तो आप क्या करेंगे.

Railway Station
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

भारत में हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार रेलवे स्टेशन आधुनिक बनाए जा रहे हैं. आज प्लेटफॉर्म पर खाने-पीने की चीजों से लेकर किताबें, मैगजीन और अन्य जरूरी सामान आसानी से मिल जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर रेलवे स्टेशनों पर अलग से मेडिकल स्टोर या केमिस्ट शॉप क्यों नहीं दिखाई देती? इसके पीछे रेलवे का एक खास नियम और योजना काम करती है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

कई लोगों को लगता है कि रेलवे स्टेशनों पर कभी मेडिकल स्टोर रहे ही नहीं, लेकिन ऐसा नहीं है. पहले रेलवे की ओर से कुछ स्टेशनों पर अलग से केमिस्ट स्टॉल चलाने की अनुमति दी जाती थी. जिन स्टेशनों पर डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध थी, वहां दवाइयों की दुकान के लिए जगह होती थी. इसके अलावा कुछ बुक स्टॉल के अंदर भी दवाइयों का छोटा सेक्शन बनाया जाता था, जहां यात्रियों को जरूरत की दवाएं मिल जाती थीं.

भीड़ कम करने के लिए बदला नियम
समय के साथ रेलवे ने महसूस किया कि प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग तरह की दुकानों की वजह से यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है. बुक स्टॉल, केमिस्ट स्टॉल और सामान्य सामान की दुकानों के कारण प्लेटफॉर्म पर चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी. इसी समस्या को देखते हुए रेलवे ने अपनी नीति में बदलाव किया और अलग से नई दवा दुकानों को अनुमति देना बंद कर दिया.

मल्टी पर्पज स्टॉल बना उपाय
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को बनाए रखते हुए एक नया मॉडल शुरू किया, जिसे मल्टी पर्पज स्टॉल (MPS) कहा जाता है. इस व्यवस्था के तहत कई तरह की जरूरतों को एक ही स्टॉल से पूरा किया जाने लगा. अब इन स्टॉल्स पर किताबें, मैगजीन, खाने-पीने का सामान और कुछ सामान्य दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाती हैं. हालांकि यहां केवल वही दवाएं बेची जाती हैं, जिनके लिए डॉक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं होती.

इमरजेंसी में रेलवे कैसे करता है मदद?
अगर किसी यात्री की यात्रा के दौरान अचानक तबीयत खराब हो जाए, तो रेलवे के पास इसके लिए विशेष सुविधा मौजूद है. रेलवे कर्मचारियों जैसे टीटीई, गार्ड और स्टेशन मास्टर को फर्स्ट ऐड की ट्रेनिंग दी जाती है. इसके अलावा स्टेशनों पर मेडिकल बॉक्स मौजूद रहता है और जरूरत पड़ने पर नजदीकी अस्पतालों तथा डॉक्टरों से तुरंत संपर्क किया जाता है. यही कारण है कि मेडिकल स्टोर कम होने के बावजूद रेलवे यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखने की पूरी कोशिश करता है.

 

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