Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का क्या है महत्व? इस दिन किए गए कार्यों के परिणामों का नहीं होता क्षय, धन प्राप्ति के लिए करें ये उपाय 

Akshaya Tritiya:वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है. इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं. अतः दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्राल को है. यहां आप जान सकते हैं अक्षय तृतीया का महत्व. 

Akshaya Tritiya 2026
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 18 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है. इस दिन सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही अपनी उच्च राशि में स्थित होते हैं. अतः दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है. पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि अक्षय का अर्थ होता है, जिसका क्षय न हो. अतः माना जाता है कि इस तिथि को किए गए कार्यों के परिणामों का क्षय नहीं होता. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और शुभ मुहूर्त में सोना-चांदी की खरीदारी की जाती है. अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है. यह एक ऐसा दिन है, जिस दिन सभी शुभ कार्य किए जाते हैं बिना कोई मुहूर्त देखे हुए. 

माना जाता है इसी दिन भगवान परशुराम, नर-नारायण और हयग्रीव का अवतार हुआ था. इसी दिन से बद्रीनाथ के कपाट खुलते हैं और केवल इसी दिन वृन्दावन में भगवान बांके बिहारी जी के चरणों का दर्शन होते हैं. इस दिन मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी की जाती है और तमाम चीजों का दान किया जाता है. विशेषकर सोना खरीदना इस दिन सबसे ज्यादा शुभ होता है. इससे धन की प्राप्ति और दान का पुण्य अक्षय बना रहता है. यह वर्ष का स्वयंसिद्ध मुहूर्त है. इस दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त के कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है. इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल को है.

क्या है पूजा विधि 
अक्षय तृतीया के दिन प्रातः काल घर में शीतल जल से स्नान करें. इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें. उन्हें सफेद फूल अर्पित करें. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद कुछ दान का संकल्प करें.  

धन प्राप्ति के लिए क्या प्रयोग करें 
अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी को गुलाबी पुष्प अर्पित करें. उन्हें एक स्फटिक की माला अर्पित करें. उसी माला से कम से कम 108 बार विशेष मंत्र का जाप करें. मंत्र होगा ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः. इस माला को अपने गले में धारण कर लें. अक्षय तृतीया के दिन जाप किया जाने वाला विशेष मन्त्र है, जिससे धन सम्पन्नता बनी रहती है. वह मंत्र है ह्रीं क ए इ ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं. इस मंत्र का जाप गुलाबी वस्त्र धारण करके करें. स्फटिक या मोती की माला से मन्त्र का जाप करें. मंत्र जाप के बाद पांच मिनट तक जल स्पर्श न करें. जप के पश्चात धन समृद्धि की प्रार्थना करें.

अक्षय तृतीया पर क्या दान करें
अक्षय तृतीया पर पूजा उपासना के बाद दान करें. इस दिन अन्न, वस्त्र और जल का दान करना शुभ होता है. चाहें तो किसी कीमती धातु का दान भी कर सकते हैं. लोगों को जल पिलाना भी काफी अच्छा रहेगा. बिना दान के अक्षय तृतीया का पुण्य फल नहीं मिल पाता. 

 

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