अमेरिका में छोटी सी पूजा के लिए पंडित जी को कितनी पैसा देना पड़ता है? जान लीजिए

कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि अमेरिका में पूजा-पाठ कैसे होता है? कौन कराता है? तो आपको बता दें कि अमेरिका में पंडित जी पूजा-पाठ कराते हैं. लेकिन इसके काफी ज्यादा खर्च करना पड़ता है. अगर सत्यनारायण भगवान की पूजा करानी है तो आपको 25 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं.

America How much does the Pandit charge for the puja (Photo/AI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

भारत में पूजा-पाठ आम है. हर घर में महीने में कम से कम एक बार तो जरूर कोई धार्मिक आयोजन होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में पूजा-पाठ कैसे होता है?पूजा के लिए पंडित जी कितना पैसा लेते हैं? अगर सत्यनारायण भगवान की कथा करानी है तो कितना खर्च करना पड़ता है? अमेरिका के फीनिक्स में रहने वाली एक भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने बताया है कि सत्यनारायण भगवान की कथा कराने के लिए पंड़ित जी को कितना पैसा देना होता है? पूजा संपन्न कराने में कितना खर्च होता है? महिला की ये रील काफी वायरल हो रही है.

पूजा-पाठ के लिए कितना देना होता पैसा?
अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिला का नाम सारिका है. सारिका ने बताया कि अगर आपने अपने घर में सत्यनारायण भगवान की पूजा कराते हैं, जिसमें सिर्फ आपकी फैमिली है, कोई फ्रेंड्स नहीं हैं तो भी पंडित जी बड़े आराम से 300-400 डॉलर चार्ज करते हैं. इसका मतलब है कि 22 हजार से 25 हजार रुपए तक देना पड़ता है.

सारिका ने बताया कि इसके अलावा 100 या 150 डॉलर मंदिर की फीस अलग से देनी होती है. अगर आप पूजा का सामान खुद से ला सकते हो तो ठीक है, वरना आप पंडित जी को डॉलर दे सकते हो, वो खुद ही लेकर आएंगे.

नई कार की पूजा कराने के लिए भी होता है खर्च-
सारिका ने बताया कि अगर आप नई कार लेते हैं और उसकी पूजा कराने के लिए मंदिर जाते हैं तो उसके लिए भी अच्छा-खासा चार्ज देना पड़ता है. उन्होंने बताया कि गृह प्रवेश, धनतेरस और सावन के महीने में बहुत लोग पूजा कराते हैं. उस समय पर पंडित जी की डिमांड भी बहुत ज्यादा होती है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में भारतीय लोगों को आबादी बढ़ती जा रही है. इसलिए धार्मिक कामों की डिमांड भी तेजी से बढ़ रही है.

सारिका ने बताया कि अमेरिका में पंडित जी को जाने के लिए काफी पढ़ाई-लिखाई करनी होती है. इसकी तैयारी करनी होती है. इसके बाद वो अमेरिका में पूजा कराने के लिए जाते हैं.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!

RECOMMENDED