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Ram Temple Deepotsav: दीपोत्सव से 'राममय' हो जाएगी रामनगरी, बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड, प्राण प्रतिष्ठा तक होंगे कई आयोजन

Ram Temple Deepotsav: अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव में इस बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है. इसके अलावा, दिवाली पर तुलसीकृत रामचरितमानस के सात कांड की प्रस्तुति की जाएगी.

Ayodhya Deepotsav
शिल्पी सेन
  • लखनऊ,
  • 03 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST
  • तुलसीकृत रामचरितमानस के सातों कांड की झांकी
  • भव्य लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन

अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव में इस बार राम के जीवन से संबंधित झांकियां आकर्षण का केंद्र होंगी. तुलसीकृत रामचरितमानस के सात कांड की प्रस्तुति के ज़रिए राम के जीवन आदर्शों को यहां झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. वहीं, देशी-विदेशी कलाकार रामलीला पेश करेंगे. 21 लाख दीयों के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के साथ ही उत्सव की ऐसी शृंखला शुरू होगी जो रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक जारी रहेगी. 

अयोध्या में सातवां दीपोत्सव 11 नवम्बर को है. पर इस बार दीपोत्सव से न सिर्फ़ त्रेतायुगीन अयोध्या की झलक मिलेगी बल्कि दीपोत्सव से शुरू हुए उत्सवी माहौल को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तक बनाए रखा जाएगा. इस बार 21 लाख दीये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है. इसके साथ ही कई ख़ास चीजें होने जा रही हैं. 

इस बार एक बड़ा आकर्षण उन झांकियों का होगा जो श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित होंगी. राम के जन्मकाल से लेकर राज्याभिषेक तक की यात्रा इन झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित की जाएंगी. 

तुलसीकृत रामचरितमानस के सातों कांड की झांकी:
इस बार झांकियों से लोगों को रामजी के जीवन प्रसंग दिखाने की तैयारी की गयी है. 11 वाहनों पर झांकियां निकाली जाएंगी. इन वाहनों पर कलाकार भी रहेंगे और रामकथा का प्रस्तुतीकरण भी झांकियों के माध्यम से किया जाएगा. दरअसल इस बार रामपथ, भक्ति पथ जैसे मार्ग बनकर तैयार हैं. ऐसे में, बड़े स्तर पर शोभायात्रा और झांकियों को निकाला जाएगा.

शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से शुरू हो कर नया घाट चौराहे तक जाएगी. प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन मुकेश मेश्राम कहते हैं, 'इस बार पथों को चौड़ा किया है और उनके दोनों तरफ़ वैदिक आर्किटेक्चर का लुक देते हुए सजाया जा रहा है. उन मार्गों पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी.' 

राम के जीवन प्रसंगों के साथ सामाजिक संदेश दिया जाएगा:
शोभायात्रा और झांकियों में राम के जीवन से संबंधित अलग-अलग प्रसंगों को दिखाया जाएगा. ख़ास बात ये है कि हर झांकी के साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा. इसमें राजा दशरथ द्वारा किया गया पुत्रेष्ठि यज्ञ एवं सबको सुरक्षा, भयमुक्त समाज, राम और उनके भाइयों को गुरूकुल शिक्षा के साथ बच्चों का अधिकार, राम-सीता विवाह के साथ बेटियों के विवाह के लिए सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्था, अहिल्या उद्वार और मिशन शक्ति, नारी सुरक्षा, पंचवटी और वन एवं पर्यावरण, रामेश्वरम सेतु और उत्तर प्रदेश में पुलों का निर्माण, पुष्पक विमान और विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी, बेहतर वायु कनेक्टिविटी, केवट प्रसंग के साथ समाज कल्याण, राम दरबार और बेहतर कानून व्यवस्था, लंका दहन और अपराधियों एवं भूमाफियाओं के विरूद्व अभियान की झांकियां होंगी. 

भव्य लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन:
इस बार दीपोत्सव में आने वालों को देशी-विदेशी कलाकारों की रामलीला देखने का भी अवसर मिलेगा. रूस, श्रीलंका, सिंगापुर और नेपाल के कलाकारों की ओर से रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा. इसके अलावा देश के 21 प्रदेशों की रामलीला, रामायण परंपरा पर आधारित लोक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा. इसमें ढाई हज़ार कलाकार शामिल होंगे. इसके अलावा, इस बार भव्य लाइट एंड साउंड शो होगा.

दुनिया के सबसे बड़े लाइट एंड साउंड शो में 200 फ़ीट की स्क्रीन पर राम के जीवन के प्रसंगों को बेहतरीन टेक्नोलॉजी के माध्यम से दिखाया जाएगा. प्रमुख सचिव संस्कृति और पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि 'ऐसा लाइट एंड साउंड शो किसी ने नहीं देखा होगा. दुनिया में अपनी तरह का पहला ऐसा शो होगा. साथ ही, इस शो को आगे भी जारी रखने की तैयारी है. अलग-अलग पहल से ये कोशिश है कि रामनगरी आने वालों के लिए यहां आना सिर्फ़ पर्यटन नहीं बल्कि  बेहतरीन आध्यात्मिक अनुभव देने वाली यात्रा हो.' 

 

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