उत्तर प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को पहला CEO मिल गया है. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त किया गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद उनके नाम का ऐलान किया गया. जितेंद्र मिश्रा प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. चलिए आपको बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका निभाने वाले जितेंद्र मिश्रा कौन है, जो अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे.
कौन हैं जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा एयरफोर्स के रिटायर्ड अधिकारी हैं. जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए हैं. उन्होंने एक जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक एयरफोर्स के वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के तौर पर काम किया. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी. अब जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की जिम्मेदारी दी गई है.
यूपी के इस गांव के रहने वाले हैं मिश्रा-
रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं. उनका गांव भोपतपुरा भाटपार रानी थाना इलाके में है. जितेंद्र मिश्रा ने 38 साल से ज्यादा की सर्विस की. इस दौरान उन्होंने कई अहम पदों पर सेवा दी.
जितेंद्र मिश्रा ने पुणे के नेशनल डिफेंस अकादमी में ट्रेनिंग की. इसके साथ ही जितेंद्र मिक्षा बैंगलोर के एयरफोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल और अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के भी छात्र रहे हैं.
साल 1986 में एयरफोर्स से जुड़े-
6 दिसंबर 1986 को फाइटर पायलट के तौर पर कमीशन हुए. जितेंद्र मिश्रा के पास 3000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव रहा. वे फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट रहे हैं. जितेंद्र मिक्षा ने फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर, एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट, दो फ्रंटलाइन एयर बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग के साथ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग) के डिप्टी चीफ जैसे पद पर रहे हैं.
ट्र्स्ट में 3 नए सदस्य शामिल किए गए-
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए नामों को शामिल किया गया है. इसमें मदन मोहन पांडेय, डॉ. निर्मला यादव और महेश भागचन्दका शामिल हैं. मदन पांडेय अयोध्या, निर्मला यादव शिकोहाबाद और महेश भागचन्दका दिल्ली से हैं. अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय का श्रीराम जन्मभूमि का मुकदमा जीतने में विशिष्ट योगदान है.
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