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Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर की पहली वर्षगांठ, CM योगी ने किया पंचामृत अभिषेक, तीन दिन चलेगा प्राण प्रतिष्ठा समारोह, जानिए क्यों है खास?

अयोध्या में राम लला मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) की पहली प्राण प्रतिष्ठा मनाई जा रही है. इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी पहुंचे. सीएम योगी ने राम लला का पंचामृत अभिषेक और महाआरती की.

Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha (Photo Credit: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST
  • अयोध्या में मनाई जा रही राम मंदिर की पहली वर्षगांठ
  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

अयोध्या के राम मंदिर Ayodhya Ram Mandir) में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह मनाई जा रही है. पिछले साल 22 जनवरी को रामलला के प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी. इस बार हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ का आयोजन किया जा रहा है.

अयोध्या के राम लला मंदिर में होने वाले समारोह का सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने शुभारंभ किया. इस मौके पर उनके साथ संत समाज के कई लोग मौजूद रहे. वहीं सुबह रामलला के अभिषेक और पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई. तीन दिनों तक चलने वाले इस समारोह में शामिल होने के लिए 2 हजार संत अयोध्या पहुंच रहे हैं.

इस दौरान रामलला को पीतांबर वस्त्र पहनाया गया है. रामलला के कपड़ों की बुनाई और कढ़ाई सोने और चांदी के तारों से की गई है. प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जिस विधि-विधान से रामलला की प्रतिमा का अभिषेक किया गया था. उसी तर्ज पर आज भी रामलला की प्रतिमा का अभिषेक और पूजन हुआ.

फूलों से सजा राम मंदिर
एक बार फिर अयोध्य़ा नगरी में दिव्य उत्सव का माहौल है. राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा प्रतिष्ठा द्वादशी मनाई जा रही है. नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला के नए विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा का एक साल पूरा होने पर प्रतिष्ठा द्वादशी मनाई जा रही है.

इस दौरान राम मंदिर को 50 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. प्रतिष्ठा द्वादशी के उत्सव के सिलसिले में राम मंदिर में भव्य आयोजन किया जा रहा है. आज से 3 दिन तक कई कार्यक्रम चलेंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला का अभिषेक किया. साथ ही रामलला की महाआरती भी की गई.

CM योगी क्या बोले?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा, प्रतिष्ठा द्वादशी के इस कार्यक्रम में सभी का स्वागत करता हूं. मैं सबसे पहले आपको प्रदेश वासियों को देश वासियों को प्रतिष्ठित द्वादशी की शुभकामनाएं देता हूं.

हिन्दू पंचांग के अनुसार आज ही के दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों के द्वारा श्री राम जन्मभूमि पर मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ था. सीएम ने कहा कि 500 वर्षों का इंतजार संपन्न होकर के आज हम सब देश के प्रधानमंत्री के लिए आभार व्यक्त करते हैं.

तीन दिन तक कार्यक्रम
राम मंदिर की पहली वर्षगांठ के मौके पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं. इस समारोह को भव्य बनाने के लिए तीन दिन तक अयोध्या में कार्यक्रम चलते रहेंगे. राम मंदिर परिसर के ⁠यज्ञ मण्डप में हवन जारी है. दोपहर 2 से 5 बजे के बीच हवन हुआ. साथ ही 6 लाख श्रीराम मंत्रों के जाप, राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ की भी तैयारी की जा रही है. 

प्रतिष्ठा द्वादशी के पावन अवसर पर ⁠मंदिर भूतल पर 3 बजे से राग सेवा का विशेष कार्यक्रम किया जा रहा. शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक बधाई गान चलेगा. ⁠यात्री सुविधा केंद्र के प्रथम तल पर दोपहर बाद संगीतमय मानस पाठ होगा. अंगद टीला पर मानस प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.

राम मंदिर परिसर निर्माण
राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है. इसके साथ ही राम मंदिर परिसर का निर्माण भी पूरा होने के करीब पहुंच चुका है. अब तीनों तल और शिखर को मिलाकर 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है. साथ ही वीवीआईपी, दिव्यांगो और वृद्धों के लिए तीन अलग-अलग लिफ्ट भी लगाई जा रही हैं. 

हिंदू संतों को समर्पित 6 मंदिरों, एक तालाब और मंदिर के गलियारों को जोड़ने वाला परकोटा भी बनाया जा रहा है. प्राण प्रतिष्ठा के समय सिर्फ मंदिर का गर्भ गृह और रंग मंडल का निर्माण हुआ था. अब बाकी पांच मंडपों का निर्माण हो गया है. साथ ही दूसरे तल पर गर्भगृह का निर्माण हो चुका है.

योजना है कि 2025 के आखिर तक राम मंदिर का पूरी तरह निर्माण हो जाए.  इसके अलावा  आसपाप बने 18 दूसरे मंदिर यहां की सुंदरता बढ़ाएंगे. श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दक्षिण दिशा में महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, अहिल्या देवी और निषाद राज के मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है.

ये सभी मंदिर पास पास ही बनाए जा रहे हैं ताकि राम मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालु आसानी से इन सभी मंदिरों तक पहुंच सके. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए दक्षिण और पश्चिम दिशा के बीच निर्मित हो रहा भगवान लक्ष्मण का शेषावतार मंदिर भी श्रद्धा का केंद्र होने वाला है.  इन सभी मंदिरों के लिए जयपुर में मूर्तियों का निर्माण कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है. माना जा रहा है कि जून में विधि विधान के साथ मूर्तियों की स्थापना हो जाएगी.

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