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राम मंदिर में एक समान वस्त्र में दिखाई देंगे पुजारी, 15 अगस्त से लागू होगा नया ड्रेस कोड

अयोध्या के राम मंदिर में पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है. निर्धारित ड्रेस के अनुसार अर्चक नीचे धोती और ऊपर उत्तरीय वस्त्र धारण करेंगे. यह वस्त्र रेशम यानी सिल्क का होगा और इसका रंग पीला रखा गया है. ये नियम 15 अगस्त से लागू होगा.

Ram Mandir (Photo:X/Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra)
मयंक शुक्ला
  • अयोध्या,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में अर्चकों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. मंदिर में पूजा-अर्चना की व्यवस्था को भी सुव्यवस्थित करने के लिए अब पुजारियों के लिए भी नियम तय किए जा रहे हैं. रामलला की सेवा में लगे अर्चकों के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया जाएगा. सभी अर्चकों के लिए अब एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा. अर्चकों की ड्रेस को लेकर नया नियम 15 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा.

राम मंदिर के अर्चकों के लिए ड्रेस कोड-
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की सेवा में लगे अर्चकों के लिए अब एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा. धर्म समिति के संतों ने अर्चकों के परिधान को लेकर निर्णय लिया है. 15 अगस्त से नया नियम लागू हो जाएगा और सभी पुजारी एक ही निर्धारित पोशाक में नजर आएंगे.

धोती-कुर्ता और उत्तरीय वस्त्र पहनेंगे अर्चक-
धर्म समिति ने जो ड्रेस कोड तय किया है, उस ड्रेस के अनुसार अर्चक नीचे धोती और ऊपर उत्तरीय वस्त्र धारण करेंगे. यह वस्त्र रेशम यानी सिल्क का होगा और इसका रंग पीला रखा गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीला रंग भगवान श्रीराम को प्रिय माना जाता है.

रेशमी वस्त्र शामिल करने की वजह?
धर्म समिति के सदस्य महंत राजकुमार दास ने बताया कि रेशमी वस्त्र की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए इसे अर्चकों के परिधान में शामिल किया गया है. उनका कहना है कि रामलला की सेवा में नियमित रूप से रहने वाले सभी अर्चक अब एक समान ड्रेस कोड में दिखाई देंगे.

धर्म समिति के संतों का मानना है कि एक समान परिधान से रामलला की सेवा व्यवस्था में अनुशासन, एकरूपता और धार्मिक गरिमा और अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी. नई व्यवस्था के तहत राम मंदिर के पुजारी अब एक जैसे वस्त्र में दिखाई देंगे.

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