9 जून की शाम 5 बजे तक बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 9 लाख 97 हजार से अधिक दर्ज की गई थी. इसके बाद रात तक यह आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच गया. कपाट खुलने के महज डेढ़ महीने के भीतर इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है.
बदरीनाथ धाम की ओर जाने वाले पैदल मार्ग से लेकर सड़क मार्ग तक हर जगह यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. गाड़ियों की लंबी कतारें और मंदिर परिसर के बाहर दर्शन के लिए इंतजार करते श्रद्धालु इस बात का प्रमाण हैं कि इस बार यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है. रोजाना 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंच रहे हैं और मानसून शुरू होने तक यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है.
पिछले वर्षों के मुकाबले इस बार सबसे तेज है श्रद्धालुओं की रफ्तार
बदरीनाथ यात्रा के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार रिकॉर्ड काफी तेजी से बना है. वर्ष 2018 में 10 लाख यात्रियों का आंकड़ा अक्टूबर में पार हुआ था, जबकि 2019 में यह उपलब्धि सितंबर में मिली थी. कोरोना काल के कारण 2020 और 2021 प्रभावित रहे. वर्ष 2022 में जुलाई, 2023 में जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में, 2024 में सितंबर तथा 2025 में 25 जून को यह आंकड़ा पार हुआ था. लेकिन इस बार 10 जून तक ही 10 लाख श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर लिए.
मानसून से पहले प्रशासन की तैयारियां तेज
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है. मानसून के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है. यात्रा मार्गों, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
आस्था का नया इतिहास रच रहा बदरीनाथ धाम
बदरीनाथ यात्रा हर साल नए रिकॉर्ड बनाती रही है, लेकिन इस बार की रफ्तार अलग ही कहानी बयां कर रही है. 10 जून तक 10 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना इस बात का संकेत है कि 2026 की यात्रा ऐतिहासिक साबित हो सकती है. कठिन रास्तों और लंबी यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई है. हर कोई बस एक झलक भगवान बद्री विशाल के दर्शन की चाह लेकर धाम पहुंच रहा है.
(रिपोर्ट- कमलनयन सिलोड़ी)
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