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Janmashtami Mathura Vrindavan Tour: जन्माष्टमी में बना रहे मथुरा घूमने का प्लान? जरूर दर्शन करें इन मंदिरों में, वापिस आने का नहीं करेगा मन

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन की यात्रा बेहद अलौकिक अनुभव देती है. अगर आप पहली बार जा रहे हैं, तो श्री कृष्ण जन्मभूमि (गर्भगृह), द्वारकाधीश मंदिर सहित इन मंदिरों में अलौकिक दर्शन का अनुभव जरूर लें.

SRI KRISHNA
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

जन्माष्टमी कृष्ण भक्तों के लिए आस्था का सबसे बड़ा पर्व है. ऐसे में अगर इन दिनों मथुरा जाने का मौका मिल जाए, तो भक्तों के लिए यह किसी सौभाग्य से कम नहीं, मानो धरती पर ही वैकुंठ में भगवान के दर्शन हो रहे हों. जन्माष्टमी के मौके पर पूरा शहर कृष्ण भक्ति में रंग जाता है. जन्मभूमि से लेकर वृंदावन तक मंदिरों की सजावट, रोशनी, फूलों की सजावट और कान्हा की लीलाओं से जुड़े आयोजन माहौल को बेहद खास बना देते हैं. यह भक्ति और उत्सव का सुख सिर्फ एक दिन का नहीं होता, बल्कि कुछ दिनों तक पूरा शहर कृष्णमय नजर आता है. ऐसे में अगर आप पहली बार दर्शन और घूमने के लिए मथुरा जा रहे हैं, तो इन मंदिरों के दर्शन जरूर करें.

श्री कृष्ण जन्मभूमि, मथुरा
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि लोगों की आस्था में एक खास स्थान रखती है. मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कंस के कारागार में हुआ था. जन्माष्टमी के मौके पर यहां का माहौल देखने लायक होता है. मंदिर परिसर को फूलों, पत्रों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है और रात होते ही पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठता है. इस दौरान श्री केशवदेव मंदिर में ठाकुरजी के लिए खास पुष्प बंगला भी तैयार किया जाता है. जन्मभूमि का गर्भगृह भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से सजाया जाता है, जिसकी वजह से यहां का दर्शन और भी खास हो जाता है.

जन्मभूमि का गर्भगृह जरूर देखें
श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर का गर्भगृह इस यात्रा का सबसे खास हिस्सा माना जाता है. यही वह स्थान है जिसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के रूप में श्रद्धा से देखा जाता है. यहां पहुंचते ही जन्म से जुड़ी कृष्ण कथा और कंस के कारागार का प्रसंग मन में ताजा हो जाता है. यह स्थान भगवान कृष्ण के प्राकट्य स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है.

द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा
जन्मभूमि के दर्शन के बाद मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर का रुख जरूर करें. जन्माष्टमी के समय यहां भी भगवान कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाता है और मंदिर में उत्सव का माहौल रहता है. रंग-बिरंगे फूलों और सजावट के बीच भगवान के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खास अनुभव बन जाता है.

बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन
मथुरा जाएं और वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर न जाएं तो यात्रा अधूरी सी लगती है. जन्माष्टमी के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ रहती है और पूरा वृंदावन कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आता है. भगवान बांके बिहारी के विशेष श्रृंगार और मंदिर की सजावट को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.

प्रेम मंदिर की जगमगाहट भी देखें
अगर आप जन्माष्टमी के दौरान वृंदावन में हैं तो प्रेम मंदिर भी जरूर जाएं. यहां की भव्य रोशनी और मंदिर की सजावट शाम के समय अलग ही नजारा दिखाती है. मंदिर परिसर में कृष्ण और राधा से जुड़ी झांकियां और कलात्मक प्रस्तुति इसे खास बनाती हैं.

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