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Bhaum Pradosh Vrat 2025: कर्ज से मिलती है मुक्ति, घर में आती है समृद्धि... भौम प्रदोष व्रत रखने से होता है लाभ

भौम प्रदोष व्रत के दिन महादेव और हनुमान जी की पूजा से कर्ज से मुक्ति और जीवन की बाधाओं का समाधान मिलता है. भौम प्रदोष व्रत की पूजन विधि में स्नान आदि से निवृत्त होकर शुद्ध वस्त्र धारण करना होता है. शिवलिंग पर जल या दूध से अभिषेक करें और धतूरा, बेल पत्र, नीले और सफेद रंग के फूल चढ़ाएं.

Mahadev and Hanuman
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST

भौम प्रदोष व्रत देवाधिदेव महादेव और वीर बजरंगी बली की उपासना के लिए समर्पित है. इस व्रत को करने से मंगल दोष से संबंधित कष्टों से मुक्ति मिलती है. सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और ऋण मुक्ति के लिए भी यह व्रत रखा जाता है.

महत्त्व और विधि-
भौम प्रदोष व्रत का महत्त्व बहुत अधिक है. यह व्रत प्रत्येक महीने के कृष्णपक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों ही पक्षों में त्रयोदशी के दिन मनाया जाता है. जब त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. इस दिन महादेव और हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति के गृहदोषों से मुक्ति मिलती है और मंगल संबंधी समस्याओं का निवारण होता है.

पूजन विधि-
भौम प्रदोष व्रत की पूजन विधि में स्नान आदि से निवृत्त होकर शुद्ध वस्त्र धारण करना होता है. शिवलिंग पर जल या दूध से अभिषेक करें और धतूरा, बेल पत्र, नीले और सफेद रंग के फूल चढ़ाएं. इसके बाद फल, मिठाई का भोग लगाएं और घी का दीपक जलाएं. शिव जी के मंत्र, स्रोत, चालीसा आदि का पाठ करें. व्रत कथा सुनें और आरती करें.

विशेष उपाय-
भौम प्रदोष व्रत के दिन विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. मांगलिक दोष वाले जातक शिव मंदिर में जाकर आटे का चौमुखी दिया बनाकर उसमें घी डालकर बत्ती जलाएं और सात बार भगवान शिव को उतारें. इसके बाद तीन बार स्वयं को दिया घुमाकर रख दें. इससे मांगलिक दोष की नकारात्मकता का प्रभाव कम होता है.

कर्ज मुक्ति के उपाय-
भौम प्रदोष व्रत के दिन कर्ज से मुक्ति के लिए हनुमान जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उतने लड्डू अर्पित करें, जितनी आपकी उम्र है. 'हम अनुमति रुद्रात्मक काहे फट' का 11 माला जप करें और सारे लड्डू बांट दें. इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

सावधानियां और नियम-
भौम प्रदोष व्रत के दिन कुछ सावधानियों और नियमों का पालन करना आवश्यक है. फल और जल पर ही उपवास रखें, अन्न खाने से बचें. शिव जी के साथ पार्वती जी का भी पूजन करें. शिव जी को केवड़ा अर्पित ना करें. अगर उपवास ना रखें तो सात्विक आहार ग्रहण करें. इस दिन क्रोध और विवाद से बचें और कर्ज के लेन-देन से भी बचें.

भौम प्रदोष व्रत का पालन करने से महादेव और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है. यह व्रत जीवन की सभी बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है. शिव जी की महिमा अपरंपार है और उनकी उपासना से हर मुश्किल आसान हो सकती है.

 

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