बिहार में विष्णु के 5वें अवतार भगवान वामन हुए जेल से आजाद, गांव में जश्न और उत्साह का माहौल

बिहार के बक्सर में भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन से जुड़ी वर्षों पुरानी व्यवस्था अब बदल गई है. राज्य सरकार की कैबिनेट ने वामन स्थल को केंद्रीय कारा (जेल) परिसर से अलग करने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब श्रद्धालुओं को भगवान वामन के दर्शन के लिए जेल मैनुअल के नियमों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. फैसले की खबर मिलते ही बक्सर में उत्साह का माहौल बन गया.

बक्सर वामन भगवान मंदिर
gnttv.com
  • बक्सर,
  • 02 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

बक्सर को भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन की जन्मस्थली माना जाता है. लेकिन समय के साथ यह प्राचीन मंदिर जेल परिसर के भीतर आ गया था. इसके कारण आम श्रद्धालुओं को निर्धारित नियमों और समय के अनुसार ही दर्शन की अनुमति मिलती थी. लंबे समय से स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे थे.

1704 की ब्रिटिश किताब बनी सबसे बड़ा सबूत
बक्सर सदर विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने बताया कि इस पूरे मामले में 1704 के आसपास बिहार और बंगाल की यात्रा करने वाले ब्रिटिश लेखक फ्रांसिस बुकानन हैमिल्टन की पुस्तक निर्णायक साबित हुई. उन्होंने अपनी पुस्तक 'The Survey of Bihar and Bengal' में इस स्थान पर स्थित प्राचीन वामन मंदिर का उल्लेख किया था. इसी दस्तावेज के आधार पर यह साबित किया गया कि मंदिर जेल प्रशासन द्वारा बनाया गया नया मंदिर नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और प्राचीन धार्मिक स्थल है.

ऐसे मिली सरकार की मंजूरी
आनंद मिश्रा के अनुसार, उन्होंने बिहार सरकार के मुख्य सचिव, जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और उस समय के गृह मंत्री तथा वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने ऐतिहासिक दस्तावेज और तकनीकी तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा. उन्होंने यह भी समझाया कि वामन स्थल को जेल परिसर से अलग करने पर जेल का कोर एरिया प्रभावित नहीं होगा. सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद बिहार सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

'जो वादा किया था, उसे पूरा किया'
कैबिनेट के फैसले के बाद विधायक आनंद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया है. उनके मुताबिक कई वर्षों तक इस दिशा में प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिली. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक साक्ष्यों और लगातार प्रयासों के कारण यह फैसला संभव हो सका.

बक्सर में जश्न, श्रद्धालुओं में खुशी
सरकार की मंजूरी मिलते ही बक्सर में खुशी की लहर दौड़ गई. भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने वामन स्थल पर मिठाइयां बांटी और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मनाई. लोगों का कहना है कि अब भगवान वामन के दर्शन के लिए जेल संबंधी औपचारिकताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा. श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि इस फैसले से वामन स्थल पर धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की आवाजाही पहले से अधिक बढ़ेगी.

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