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Chaitra Navratri 2023: महाअष्टमी पर आज मां महागौरी की करें पूजा-अर्चना, पूरे साल बनी रहेगी माता रानी कृपा, जानें शुभ मुर्हूत 

इस बार 700 सालों के बाद महाअष्टमी के दिन दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. इस दिन मां महागौरी की पूजा-अर्चना करने से धन की कमी नहीं होगी. पूरे साल मां की कृपा बनी रहेगी.

मां महागौरी
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 12:52 AM IST
  • अमृत मुहूर्त सुबह 09 बजकर 02 मिनट से सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगा
  • मां महागौरी की पूजा-अर्चना के समय श्वेत वस्त्र धारण करें 

चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी 29 मार्च 2023 को है. इस दिन मां दुर्गा के 8वें रूप महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है. भक्त इसी दिन कन्याओं को भोजन करवाकर अपने नवरात्र व्रत का समापन करते हैं. कहा जाता है कि इसदिन महागौरी की पूजा करने से व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं. आइए शुभ मुर्हूत और पूजा विधि के बारे में जानते हैं.

महाअष्टमी का शुभ मुहूर्त 
28 मार्च 2023 को अष्टमी तिथि की शुरुआत शाम 07 बजकर 02 मिनट पर हो गई है. इसका समापन 29 मार्च को रात 09 बजकर 07 मिनट पर होगा. अमृत मुहूर्त सुबह 09 बजकर 02 मिनट से सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. कल भद्रा काल सुबह 06 बजकर 15 मिनट से सुबह 08 बजकर 01 मिनट तक रहेगा. इसके बाद कन्या पूजन किया जा सकता है.

पूजा विधि
मां महागौरी की पूजा में श्वेत वस्त्र धारण करें. घर की छत पर लाल रंग की ध्वजा लगाएं. देवी महागौरी को चंदन, रोली, मौली, कुमकुम, अक्षत, मोगरे का फूल अर्पित करें. देवी के सिद्ध मंत्र श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम: का जाप करें. माता के प्रिय भोग नारियल का प्रसाद चढ़ाएं. फिर 9 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराएं. संधि काल में भी माता की पूजा करें.

मां महागौरी के मंत्र 
श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:, ललाटं कर्णो हुं बीजं पातु महागौरी मां नेत्रं घ्राणो। कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा मा सर्ववदनो॥ या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

महाअष्टमी के दिन इन गलतियों को न करें
1. इस दिन शुभ मुहूर्त पर ही पूजा करनी चाहिए. मुहूर्त खत्म हो जाने के बाद पूजा का महत्व नहीं रह जाता है. 
2. सूर्योदय से पहले पूजा करनी चाहिए. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद पूजा करें. 
3. अष्टमी के दिन पूजा करने के बाद सोना नहीं चाहिए. इससे शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है. 
4. अगर आप अष्टमी के दिन व्रत रखे हैं, तो कन्या पूजन से पहले कुछ भी न खाएं. 
5. संध्या के समय मां दुर्गा की पूजा सबसे शुभ माना जाता है. संध्या के समय 108 दीपक जलाएं. 
6. अष्टमी के दिन हवन किए बिना पूजा नहीं करना चाहिए. हवन के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. 
7. अष्टमी पर नीले रंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए. इससे घर में नकारात्मकता आती है.

इन राशियों के लिए शुभ है महाअष्टमी 
मिथुन राशि के जातकों के लिए महाअष्टमी धन वृद्धि लेकर आया है. व्यापार के क्षेत्र में लाभ होने की संभावना है. इस राशि के ऊपर शनि की ढैय्या रहेगी, लेकिन आपके लिए ये समय बहुत शुभ है. कर्क राशि वालों का भाग्य उदय होगा. कन्या राशि वालों के लिए समय अनुकूल है. व्यवसाय के क्षेत्र में उन्नति होगी. महागौरी की पूजा करने से सभी काम में आपको सफलता मिलेगी. 


 

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