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Chaitra Navratri 2024: 8 या 9 अप्रैल कब से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि? क्या है घटस्थापना मुहूर्त, जानिए इस साल किस वाहन पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

Worship of Maa Durga: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. मान्यता है इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करने से भक्त की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं. चैत्र नवरात्रि की शुरुआत अप्रैल महीने में होने वाली है. आइए जानते हैं किस तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?

Maa Durga (Photo: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST
  • नवरात्रि में नौ दिनों तक की जाती है मां दुर्गा की पूजा
  • माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है पहले दिन

नवरात्रि (Navratri) में मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. एक साल में कुल चार बार नवरात्रि आती है. इसमें शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है. शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है, जो नवमी तिथि पर संपन्न होती है. पहले दिन कलश स्थापना के साथ माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. 

बन रहे शुभ योग
इस साल चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात 11:50 बजे से शुरू होगी, जो 9 अप्रैल को रात 08:30 बजे समाप्त होगी. हिंदू धर्म में व्रत-त्योहार उदया तिथि के आधार पर मनाई जाती है. इस कारण से चैत्र नवरात्रि का आरंभ 9 अप्रैल से होगा. 9 अप्रैल को दो शुभ योग अमृतसिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि बन रहे हैं. 

घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 
घटस्थापना यानी कलश स्थापना के लिए 9 अप्रैल 2024 को शुभ मुहूर्त 6 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगा. कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में भी होती है. 9 अप्रैल घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा है. 

इस साल माता रानी का वाहन 
धार्मिक मान्यात के अनुसार नवरात्रि के शुरू होने पर मां दुर्गा स्वर्गलोक से पृथ्वीलोक पर आती हैं.मां दुर्गा  नवरात्रि पर पृथ्वी पर हर बार किसी न किसी सवारी पर सवार होकर आती हैं. माता रानी वाहन नवरात्रि जिस वार यानी दिन से शुरू होता है, उसी के अनुसार वाहन होता है. इस साल चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल दिन मंगलवार से शुरू हो रही है. मंगलवार दिन होने के कारण मां दुर्गा का वाहन घोड़ा होगा. शास्त्रों में घोड़े की सवारी पर मां दुर्गा का आगमन अशुभ माना जाता है. कहा जाता है कि घोड़ा यदि माता रानी की वाहन हो तो राष्ट्र पर प्राकृतिक आपदा आने की संभावना बढ़ जाती है. घर-परिवार में अशांति आती है. 

पूजा सामग्री 
लाल चुनरी, लाल वस्त्र, शृंगार का सामान, दीपक, घी तेल, धूप, नारियल, साफ चावल, कुमकुम, फूल, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, फल-मिठाई, कलावा.

पूजा विधि
1. सुबह उठकर स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें.
2. घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें.
3. मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें.
4. मां को अक्षत, सिंदूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं.
5. धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें.

चैत्र नवरात्रि कैलेंडर 2024
प्रथम दिवसः मंगलवार, 9 अप्रैल को कलश स्थापना व माता शैलपुत्री का पूजन. 
द्वितीय दिवसः बुधवार, 10 अप्रैल को माता ब्रह्मचारिणी का पूजन.
तृतीय दिवसः गुरुवार, 11 अप्रैल को माता चंद्रघंटा का पूजन.
चतुर्थ दिवसः शुक्रवार, 12 अप्रैल को माता कुष्मांडा का पूजन
महापंचमी: शनिवार, 13 अप्रैल को माता स्कंदमाता का पूजन.
महाषष्ठीः रविवार, 14 अप्रैल को माता कात्यायनी का पूजन. 
महासप्तमीः सोमवार, 15 अप्रैल को माता कालरात्रि का पूजन.
महाष्टमीः मंगलवार, 16 अप्रैल को नवरात्र व्रत, माता महागौरी का पूजन.
महानवमी: बुधवार, 17 अप्रैल को माता सिद्धिरात्रि का पूजन.
दशमी: गुरुवार, 18 अप्रैल को पारण और दुर्गा विसर्जन.

 

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