महाराष्ट्र के चंद्रपुर में इन दिनों भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. शहर के सिविल लाइन सार्वजनिक गणेश मंडल में इस बार मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा और शिर्डी के साईं बाबा के दर्शन एक ही पंडाल में हो रहे हैं. यही वजह है कि इस अनोखे धार्मिक संगम को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है.
दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
सिविल लाइन सार्वजनिक गणेश मंडल की ओर से लालबाग के राजा की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है. विशाल और आकर्षक गणेश प्रतिमा भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. प्रतिमा के भव्य स्वरूप और आकर्षक सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल पहुंच रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, शिर्डी के साईं बाबा के जीवन और उनके संदेशों पर आधारित मनमोहक झांकियां भी श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं.
‘सबका मालिक एक’, श्रद्धा, सबुरी, प्रेम और मानवता का संदेश देने वाली इन झांकियों के माध्यम से मंडल ने भक्तों को आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया है. द्वारका माई की झांकी, साइ बाबा के भेष में अपने भक्तों के साथ पेश की जा रही झांकियां बेहद ही मनमोहक लग रही हैं. मानो ऐसा लग रहा है कि प्रत्यक्ष रूप से साइ बाबा ही इस पंडाल में पधारे हैं. बड़ी संख्या में आ रहे भक्तों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि साईं की प्रति लोगों की भक्ति कितनी अपरंपार है.
46 वर्षों से भव्य झांकियों का आयोजन
मुंबई जाकर लालबाग के राजा के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए चंद्रपुर में ही यह अनुभव खास बन गया है. वहीं, साईं बाबा की झांकियों के जरिए श्रद्धालुओं को शिर्डी की भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण की अनुभूति हो रही है. यही वजह है कि श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर गणपति बप्पा और साईं बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं, दर्शन कर रहे हैं और आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. खास बात यह है कि सिविल लाइन सार्वजनिक गणेश मंडल पिछले 46 वर्षों से अलग-अलग प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की भव्य झांकियां चंद्रपुर में साकार करता आ रहा है.
मंडल का उद्देश्य है कि चंद्रपुरवासियों को अपने ही शहर में विभिन्न तीर्थस्थलों और धार्मिक परंपराओं की झलक देखने का अवसर मिले. इन भव्य झांकियों के निर्माण में मंडल के कार्यकर्ताओं की मेहनत भी साफ दिखाई देती है. पिछले तीन महीनों से कार्यकर्ता दिन-रात मेहनत कर सजावट, मूर्तिकला और झांकियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे. हर साल की तरह इस बार भी मंडल की भव्य सजावट, आकर्षक मूर्तिकला और धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं.