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Char Dham Yatra 2026: 7000 पुलिसवाले, 1260 CCTV कैमरे, 15 ड्रोन, 16 सुपर जोन... चारधाम यात्रा के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

चारधाम यात्रा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. 7000 पुलिसवाले 24 घंटे यात्रा मार्ग की निगरानी करेंगे. इसके साथ ही धामों में 92 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. रास्तों की निगरानी के लिए 1168 कैमरे लगाए जाएंगे. इसके साथ ही 16 ड्रोन से निगरानी की जाएगी. टिकटों बुकिंग में फर्जीवाड़े पर एसटीएफ की नजर होगी.

Badarinath Dham and Kedarnath Temple (PTI Photo)
gnttv.com
  • देहरादून,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:44 PM IST

चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से हो रही है. इसको लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं. सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम की तैयारी है. 7000 हजार से ज्यादा पुलिसवालों की तैनाती होगी. जबकि 16 सुपर जोन बनाए जाएंगे. चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए डीजीपी दीपम सेठ की अगुवाई में पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड में एक अहम बैठक हुई. इसमें सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई. 

7000 पुलिसवालों की होगी तैनाती-
चारधाम यात्रा के दौरान लगभग 7000 पुलिसकर्मी 24x7 तैनात रहेंगे और पूरे क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन व 149 सेक्टर में बांटा गया है, जबकि 118 पार्किंग स्थल तय किए गए हैं. चारधाम यात्रा के लिए आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप को नोडल अधिकारी बनाया गया है. यात्रा की 24 घंटे मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम बनाया जाएगा. सुरक्षा के लिए एटीएस टीमें तैनात रहेंगी और मॉक ड्रिल के जरिए तैयारियों की जांच की जाएगी. वहीं, 92 सीसीटीवी धामों में और 1168 कैमरे यात्रा मार्ग पर लगाए जाएंगे और 15 ड्रोन से निगरानी होगी.

57 टूरिस्ट पुलिस सेंटर बनाए जाएंगे-
यात्रियों की सुविधा के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस केंद्र, 48 हॉल्टिंग पॉइंट और 9 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाए गए हैं, जबकि 80 स्थानों पर आपदा टीमें, 37 जगह SDRF, 30 स्थानों पर फायर सर्विस और NDRF की 8 टीमें तैनात रहेंगी. 52 बॉटलनेक, 109 लैंडस्लाइड जोन, 274 दुर्घटना संभावित स्थल और 61 ब्लैक स्पॉट पहले ही चिन्हित कर लिए गए हैं.

STF रोकेगी टिकट की धोखाधड़ी-
साइबर ठगी रोकने के लिए फर्जी वेबसाइट्स और हेलीकॉप्टर टिकट धोखाधड़ी पर STF की नजर रहेगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरा उपयोग की SOP का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और कंटेंट क्रिएटर्स पर भी निगरानी रखी जाएगी. डीजीपी ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है और श्रद्धालुओं की सुरक्षित व सुगम यात्रा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है.

(अंकित की रिपोर्ट)

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