उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलने के साथ होगी. केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे. ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से शुरू हो चुके हैं और आप registration.touristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. लेकिन इस बीच साइबर फ्रॉड करने वाले लोग चारधाम यात्रा के नाम पर होने वाली हेलीकॉप्टर बुकिंग पर बड़े स्तर पर फ्रॉड करने में जुटे हुए हैं. कई लोग इस साइबर फ्रॉड के शिकार हो चुके हैं. इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर विंग i4c की तरफ से एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है और यह कहा गया है कि फेक वेबसाइट से बचकर रहें. इन वेबसाइट्स के जरिए साइबर फ्रॉड करने वाले लोग फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग की टिकट और ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पैसा ले उड़ रहे हैं.
कैसे होता है साइबर फ्रॉड?
गृह मंत्रालय के i4c की तरफ से जानकारी दिया गया है कि साइबर फ्रॉड करने वाले लोग किस तरीके से हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर बड़े स्तर साइबर फ्रॉड करते हैं, हम आपके यहां पर बताते हैं कि कैसे आखिर यह साइबर फ्रॉड हो रहा है.
हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड-
आजकल ये पूरी यात्रा डिजिटल हो चुकी है. सब कुछ ऑनलाइन बुक होता है. स्कैमर्स इसी बात का फायदा उठाते हैं. साइबर फ्रॉड करने वाले लोग हूबहू वैसी डिजाइन के फेक वेबसाइट बनाते हैं, जो ऑफिशियल वेबसाइट जैसा ही दिखता है और इसी पर स्कैमर्स यात्रियों को लुभाने के लिए अलग-अलग तरीके के लोक लुभावना ऐड चलाते हैं और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के जरिए अपनी वेबसाइट को सर्च में सबसे ऊपर ले आते हैं. इसी वेबसाइट को असली मानकर जब लोग क्लिक करते हैं तो उसको स्कैमर्स व्हाट्सएप या दूसरे अन्य तरीके से जोड़ते हैं और यही से उनका खेल शुरू होता है.
आइडेंटिटी प्रूफ करने के लिए अपना फेक आईडी कार्ड स्कैमर के द्वारा भेजा जाता हैं और फिर जल्दी टिकट लेने के लिए स्कैमर्स प्रेशर बनाते हैं. इसके साथी ही लास्ट स्टॉल और वीआईपी एक्सेस की बात करके आपको लुभाते हैं. पेमेंट के लिए यूपीआई आईडी या फिर बार कोड आपको स्कैमर्स के द्वारा दिया जाता है और उसके बाद आपसे पैसे वसूले जाते हैं और यह सारे बार कोड और फेक आईडी किसी म्यूल अकाउंट से जुड़े होते हैं, इसमें आपको ना तो कन्फर्म बुकिंग मिलती है और आपको गलत नंबर जो दिए जाते हैं. वह जब पैसे आपके चले जाते हैं तो वह बंद हो जाते हैं या फिर इस तरीके की आपको फेक टिकट दिया जाता है और जब आप डेस्टिनेशन यानी चारधाम की यात्रा पर मुख्य जगह पर पहुंचते हैं तो आपका वह टिकट वैलिड ही नहीं होता है. इस तरीके से साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लगातार साइबर ठगी लोगों के साथ करने में जुटे हुए हैं, जो की एक महत्वपूर्ण घटना है. चारधाम यात्रा करने के लिए लोग अपने घरों से निकलते हैं. लेकिन इस तरीके के साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं.
अलर्ट के बाद उत्तराखंड पुलिस का एक्शन-
गृह मंत्रालय के i4c विंग ने उत्तराखंड पुलिस को लगातार निर्देश देकर चारधाम यात्रा के दौरान हो रहे साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कई बड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उत्तराखंड पुलिस ने गृह मंत्रालय के साइबर विंग के आदेशों का पालन करते हुए बड़ा अभियान चलाया है. जिसमें हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोहों पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने अब तक 300 से अधिक वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक या रिपोर्ट किया है.
दरअसल जिस तरीके से केदारनाथ धाम यात्रा के साथ-साथ बद्रीनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा की शुरुआत हो रही है. उससे पहले साइबर फ्रॉड करने वाले लोग लगातार हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसी वजह से 'साइबर फ्रॉड कॉम्बैट फोर्स' का उत्तराखंड में गठन किया गया है और जिसके आधार पर अब लगातार कार्रवाई की जा रही है. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने 111 संदिग्ध फेसबुक पेज में से 106 को सफलतापूर्वक ब्लॉक किया है, तो वहीं 16 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट को भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते ब्लॉक किया गया है.
इन तमाम चीजों की जानकारी गृह मंत्रालय के i4c विंग को भी उत्तराखंड पुलिस के द्वारा दी गई है. इसके साथ ही साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 100 मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया गया है. बैंक खातों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है. जिनके जरिए इस वक्त साइबर फ्रॉड किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक पुलिस लगातार ऐसी संदिग्ध वेबसाइट पर नजर रखे हुए हैं और लगातार कोशिश कर रही है कि ऐसे साइबर फ्रॉड करने वाले क्रिमिनल्स पर निगरानी रखी जाए.
जज से ठगी-
उधर जानकारी यह भी मिली है कि चारधाम यात्रा के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक जज को भी साइबर जालसाजों ने शिकार बनाया है. दरअसल चारधाम यात्रा करने के लिए ऑनलाइन बुकिंग का एक ऐड देखा और उसके बाद जालसाजों के चक्कर में फंसकर इंदौर के एक जज के एक लाख से ज्यादा ठग लिए गए. इसकी FIR भी दर्ज की गई है और उसके बाद लगातार कार्रवाई की जा रही है. साइबर ठग ने व्हाट्सएप पर चारधाम यात्रा का विवरण भेजा. उसके बदले उन्होंने ₹100000 जमा करने के लिए कहा गया. जज ने टिकट और अन्य बुकिंग के लिए जालसाजों के खाते में 1 लाख 7000 रुपए ट्रांसफर कर दिए थे. भुगतान के लिए भेजी यूपीआई आईडी को भी फेक तरीके से साइबर क्रिमिनल्स ने उनके पास भेजा था. उसके बाद जब यह जानकारी हुई तो इस पर एक्शन लिया जा रहा है और बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है.
(जितेंद्र बहादुर सिंह की रिपोर्ट)
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