छतरपुर में आस्था का एक भव्य केंद्र बनने जा रही 51 फीट ऊंची अष्टधातु से निर्मित हनुमान प्रतिमा इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. जानराय टोरिया मंदिर में स्थापित यह प्रतिमा न केवल ऊंचाई बल्कि अपनी विशेष निर्माण शैली के कारण भी चर्चा में है. करीब 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी इस प्रतिमा को तैयार करने में लगभग तीन वर्षों का समय लगा है.
मंदिर प्रबंधन का दावा है कि यह देश की पहली इतनी विशाल अष्टधातु से निर्मित महावली हनुमान प्रतिमा है. इस अद्वितीय निर्माण ने छतरपुर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है. श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचकर प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें साझा कर रहे हैं. इस भव्य प्रतिमा का अनावरण 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर किया जाएगा. इस खास आयोजन को लेकर 24 मार्च से मंदिर परिसर में 9 दिवसीय धार्मिक महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान प्रतिदिन रामचरितमानस महायज्ञ, कथा एवं भजन कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जिनमें देशभर के संत-महात्मा शामिल हो रहे हैं.
महंत भगवानदास सिंगारी का संकल्प हुआ साकार
मंदिर के महंत भगवानदास सिंगारी ने करीब 7 वर्ष पहले इस प्रतिमा के निर्माण का संकल्प लिया था. मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और दुकानों की आय से इस भव्य प्रतिमा को साकार किया गया. इस अवसर पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सहित देशभर के कई ख्याति प्राप्त संत शामिल होंगे. उन्होंने भी मंच से इस पहल की सराहना करते हुए इसे छतरपुर के लिए गर्व की बात बताया है.
रिपोर्टर: लोकेश चौरासिया
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