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Chhath Puja 2025: छठ पूजा में सूप का क्यों किया जाता है इस्तेमाल? सूप में क्या-क्या रखा जाता है?

छठ पूजा में सूप की महत्ता इसकी पवित्रता और उपयोग में है. व्रती इस बर्तन को खास तौर पर सूर्य और छठी मईया को अर्पित करने के लिए तैयार करते हैं.

Chhath Puja 2025
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 2:51 PM IST

छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के साथ-साथ नेपाल में धूमधाम से मनाया जाता है. छठ महापर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर से होगी, जबकि समापन 28 अक्टूबर को होगा. छठ पूजा में व्रती विशेष रूप से सूप का इस्तेमाल करते हैं. सूप एक पारंपरिक बांस का बर्तन होता है, जो मुख्य रूप से अनाज, फल और अन्य प्रसाद रखने के लिए उपयोग किया जाता है. छठ पूजा में यह सिर्फ एक बर्तन नहीं, बल्कि श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है.

सूप को क्यों माना जाता है पवित्र?
बांस को शुद्ध और पवित्र माना जाता है, इसलिए पूजा के लिए बांस से बने सूप और दउरा का उपयोग किया जाता है व्रती इस बर्तन को खास तौर पर सूर्य और छठी मईया को अर्पित करने के लिए तैयार करते हैं. माना जाता है कि सूप में रखे गए सामान में देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है. पूजा के दौरान यह बर्तन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र बन जाता है. इसलिए इसे छठ पूजा में पवित्र और अनिवार्य माना जाता है.

सूप में क्या-क्या रखा जाता है?
छठ पूजा में सूप को भव्य और प्रतीकात्मक तरीके से सजाया जाता है.

अनाज: गेहूं, चावल, ज्वार या अन्य स्थानीय अनाज

फल: केले, आम, नारंगी और मौसमी फल

मिठाई: गुड़, चावल की खीर या हलवा

सब्जियां और पौष्टिक सामग्री: कुछ घरों में पूजा सामग्री के साथ ताजे सब्जियां भी रखी जाती हैं

पवित्र जल और सुपारी: जो प्रसाद को पूरी तरह से पवित्र बनाते हैं

इन वस्तुओं को सजाते समय व्रती विशेष ध्यान रखते हैं कि हर चीज साफ-सुथरी और अच्छी तरह व्यवस्थित हो.

सूप की तैयारी कैसे होती है?
सूप की तैयारी में पारंपरिक विधि का पालन किया जाता है. सबसे पहले सूप को अच्छी तरह साफ किया जाता है. उसके बाद इसे साफ कपड़े से ढक कर और कभी-कभी हल्का रंग या पत्तियों से सजाया जाता है. उसके भीतर अनाज और दूसरे प्रसाद को रखा जाता है. पूजा से पहले व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और सूप में रखे सामान को सूर्य देव और छठी मईया को अर्पित करते हैं. इस तैयारी में श्रद्धा और भक्ति का भाव सबसे महत्वपूर्ण होता है.

सूप सिर्फ एक बर्तन नहीं, बल्कि छठ पूजा का सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीक है. यह परिवार की समृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान और सूर्य तथा छठी मईया के प्रति भक्ति का प्रतीक है. सूप में रखे गए अनाज और फल प्राकृतिक चक्र और खेती के महत्व को भी दर्शाते हैं.

 

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