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Chhath Puja 2022: क्या है छठ पूजा में लगने वाला जरूरी सामान...इन नियमों को भूल कर भी ना करें अनदेखा

36 घंटे का निर्जला व्रत छठ पूजा आज से शुरू हो गया है. कई जगह महिलाओं के साथ पुरुष भी इस व्रत को रखते हैं. छठ पूजा का ये व्रत परिवाल की खुशहाली, स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए रखा जाता है.

Chhath Puja
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST
  • पूजा पूरा होने से पहले प्रसाद ना खाएं
  • इस दौरान जमीन पर सोएं

नहाय खाए के साथ आज से छठ पर्व की शुरुआत हो गई है. हर साल षष्ठी तिथि को छठ पूजा मनाई जाती है. छठ का महापर्व 4 दिनों तक चलता है. पहले दिन नहाए खाए, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते सूरज को अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूरज को अर्घ्य के साथ इसका समापन होता है. महिलाएं संतान की लंबी आयु के लिए इस व्रत को रखती हैं. चार दिन के इस व्रत के कुछ नियम बेहद कठिन हैं, इसमें 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है.

पूजा के लिए जरूरी सामान
ऐसी मान्यता है कि जो कोई छठ पर्व को पूरे विधि-विधान से करता है, उसकी हर मनोकामना सूर्य देव पूरी करते हैं. आज हम आपको छठ पूजा की पूरा विधि और पूजा में लगने वाले जरूरी समान के बारे में बताएंगे ताकि आप अपनी पूजा अच्छे से संपन्न कर पाएं. छठ पूजा बांस की टोकरी, सूप, नारियल, गन्ना, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप, थाली, लोटा, नए वस्त्र, नारियल, अदरक का हरा पौधा, पत्ते के साथ हल्दी, चना, मौसमी फल, कस्टर्ड, अनानास कलश (मिट्टी या पीतल का) , कुमकुम, पान, सुपारी आदि चीजें लगती हैं.

छठ पूजा में सफाई-स्वछता का पूरा ध्यान दिया जाता है. प्रसाद तैयार करने से लेकर दौरा तैयार करने तक ध्यान रखें कि आपसे कोई चीज भूल से ना छूटे और जिस भी चीज की इस्तेमाल करें वो कोरी (नई) हो. इन नियमों का करें पालन.

  • जहां भी पूजा का प्रसाद तैयार करें वो जगह साफ हो
  • कोशिश करें प्रसाद चूल्हे पर बनाएं, अगर  सुविधा ना हो तो गैस पर भी बना सकते हैं.
  • छोटे बच्चों को पूजा का कोई भी सामान छूने ना दें.
  • जब तक पूजा पूरी नहीं हो जाती किसी को प्रसाद ना दें. 
  • छठ पूजा के समय व्रती या परिवार के सदस्यों के साथ कभी भी अभद्र भाषा में बात ना करें. 
  • व्रत रखने वाली महिलाएं इन चार दिन पलंग या चारपाई पर न सोएं. जमीन पर ही कपड़ा बिछाकर सोएं.
  • छठ पर्व के दौरान व्रती समेत पूरे परिवार सात्विक भोजन ग्रहण करे.
  • पूजा की किसी भी चीज को छूने से पहले हाथ अवश्य साफ कर लें.
  • ध्यान रहे कि सूर्य भगवान को जिस बर्तन से अर्घ्य दे रही हैं, वो चांदी, स्टेनलेस स्टील, ग्लास या प्लास्टिक का नहीं होना चाहिए. 
  • प्रसाद बनाते वक्त कुछ खाना नहीं चाहिए. पूजा के समय हर किसी को साफ-सुथरे कपड़े पहनने चाहिए. 

 

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