दिवाली का त्योहार आते ही घरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. इस त्योहार में छोटी दिवाली का भी खास महत्व है. इसे नरक चतुर्दशी और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान यमराज की पूजा करने के साथ कई जगहों पर हनुमान जी की विशेष पूजा भी की जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी दिवाली पर बजरंगबली की पूजा क्यों की जाती है?
कब मनाई जाएगी छोटी दिवाली 2026?
साल 2026 में छोटी दिवाली का त्योहार 7 नवंबर, शनिवार को मनाया जाएगा. वहीं, 8 नवंबर को मुख्य दिवाली का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन लोग घरों में दीपक जलाते हैं और भगवान की पूजा करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
छोटी दिवाली पर क्यों होती है हनुमान जी की पूजा?
छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा करने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं. बजरंगबली को संकट दूर करने वाला देवता माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन के डर, परेशानियां और बुरी शक्तियों का प्रभाव कम होता है. यही वजह है कि कई जगहों पर छोटी दिवाली के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है.
बुरी शक्तियों से बचाते हैं बजरंगबली
छोटी दिवाली को कई जगहों पर काली चौदस भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए पूजा-पाठ किया जाता है. हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से उनकी पूजा करने से डर दूर होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
कुछ जगहों पर मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव
आमतौर पर हनुमान जन्मोत्सव चैत्र महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है. लेकिन गुजरात और अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर सहित कुछ जगहों पर छोटी दिवाली के दिन भी हनुमान जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है. इस मौके पर मंदिरों में विशेष पूजा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
भगवान राम ने दिया था हनुमान जी को वरदान
एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम हनुमान जी की भक्ति और सेवा से बहुत प्रसन्न थे. जब श्रीराम 14 साल का वनवास पूरा करके माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे, तब पूरी नगरी में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया. मान्यता है कि भगवान राम ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि जहां उनकी पूजा होगी, वहां हनुमान जी का भी स्मरण किया जाएगा.
हनुमान जी की पूजा से मिलते हैं ये लाभ
धार्मिक मान्यता के अनुसार, छोटी दिवाली पर हनुमान जी की पूजा करने से साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है. इस दिन भक्त हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं. साथ ही बजरंगबली को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाते हैं. उनके सामने दीपक जलाकर जीवन से परेशानियां दूर करने और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं.